एबी डीविलियर्स ने पंजाब के खिलाफ नंबर चार पर मौका ना मिलने को लेकर दिया चौंकाने वाला बयान 1

आईपीएल के 13वें सीजन में गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम को किंग्स इलेवन पंजाब के हाथों मैच गंवाना पड़ा। किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ आरसीबी को 8 विकेट से हार मिली जिसके बाद उनकी टीम मैनेजमेंट के कुछ फैसलों पर सवाल खड़े हो रहे है। इसमें एबी डीविलियर्स को नंबर चार पर ना भेजने की हर कोई कड़ी आलोचना कर रहा है।

एबी डीविलियर्स को भी थी नंबर चार पर उतरने की उम्मीद

किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ शारजाह में खेले गए मैच में आरसीबी की टीम के 2 विकेट आउट होने के बाद नंबर चार पर वॉशिंगटन सुंदर और इसके बाद शिवम दुबे को भेजा गया। इससे आरसीबी की टीम रन गति को नहीं पकड़ सकी।

एबी डीविलियर्स ने पंजाब के खिलाफ नंबर चार पर मौका ना मिलने को लेकर दिया चौंकाने वाला बयान 2

इस मैच में हर कोई एबी डीविलियर्स के नंबर चार पर उतरने की उम्मीद कर रहा था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस फैसले पर हर किसी को हैरानी हो रही है, इसी बीच एबी डीविलियर्स ने भी माना कि वो भी नंबर चार पर उतरने की उम्मीद ही कर रहे थे। उन्होंने अपने कॉलम में इस बात का खुलासा किया, लेकिन साथ ही उन्होंने कप्तान और कोच के फैसले को रही माना।

एबी डीविलियर्स का कॉलम

शारजाह में शुक्रवार की रात काफी व्यस्त रही। एक बात मैं और साफ कर देना चाहता हूं, मैं एक टीम मैन हूं। अगर कोच और कप्तान किसी रणनीति पर सहमत होते हैं तो मैं उन पर किसी तरह का संदेह नहीं करता, बल्कि मेरा पूरा समर्थन रहता है। टीम के खेल में ऐसा ही होता है और इसी तरह से एक सफल टीम काम करती है। पंजाब के खिलाफ बैंगलोर ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और मैं चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की उम्मीद कर रहा था। जब छठे ओवर में दूसरा विकेट गिरा तो मैंने उस गेट को पार करना शुरू कर दिया, जिसका रास्ता मैदान की ओर जाता है।

एबी डीविलियर्स ने पंजाब के खिलाफ नंबर चार पर मौका ना मिलने को लेकर दिया चौंकाने वाला बयान 3

ठीक उसी वक्त मुझसे इंतजार करने को कहा गया क्योंकि कोच और कप्तान ने ये फैसला किया था कि हमें उस वक्त गेंदबाजी कर रहे पंजाब के दो लेग स्पिनरों के सामने दायें और बायें हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन बनाए रखना है। ये बिल्कुल सही फैसला था। दुनियाभर की टीमें लेग स्पिनर के सामने बायें हाथ के बल्लेबाजों को खिलाने को प्राथमिकता देती हैं। मैंने तब इस फैसले पर कोई सवाल नहीं उठाया जब ये लिया गया और न ही मैं अब इस पर कोई सवाल खड़ा कर रहा हूं। मेरी तरफ से इसे लेकर किसी तरह की कोई समस्या नहीं है।

विराट कोहली

क्रिस मौरिस की आक्रामक बल्लेबाजी के बाद हमारी टीम 20 ओवर में छह विकेट पर 171 रन तक पहुंच गई। हो सकता है कि शारजाह की धीमी पिच पर हमें जितने रनों की दरकार थी, ये उससे कुछ रन कम थे। केएल राहुल, मयंक अग्रवाल और क्रिस गेल सभी ने लक्ष्य का पीछा करने में अहम योगदान दिया। आखिरी वक्त में कुछ डरावने अनुभव के बावजूद पंजाब की टीम आइपीएल में अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने वाली जीत हासिल करने में सफल रही। मेरा तो यही मानना है कि इस टूर्नामेंट में अपना दिन होने पर कोई भी टीम किसी भी टीम को हरा सकती है।

केएल राहुल

जहां तक आरसीबी की बात है तो हमें इस निराशाजनक हार से बाहर निकलकर मेहनत जारी रखनी है और शनिवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ दुबई में होने वाले अगले मुकाबले में लय हासिल करनी है। अपनी बात करूं तो मैं टीम की जरूरत के हिसाब से कभी भी, कहीं भी बल्लेबाजी के लिए तैयार हूं ताकि इस लीग को जीतने के अभियान में टीम की मदद कर सकूं।