फ़िक्सिंग में बर्बाद न होता करियर तो आज जडेजा का विकल्प होता ये ऑलराउंडर, रणजी 2018 में किया था असाधारण प्रदर्शन 1

क्रिकेट में फ़िक्सिंग का कलंक कितना बुरा है इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने कई टैलेंटेड क्रिकेटर्स के करियर को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. विश्व क्रिकेट में बड़े पैमाने पर फ़िक्सिंग के क्लेश ने उस 90 के दशक के आखिरी सालों में बुरी तरह कोहराम मचा दिया था.

उस दौरान दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोन्ये और पूर्व सीनियर भारतीय कप्तान और दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज़ मोहम्मद अज़हरुद्दीन की छवि को पूरी तरह खराब कर दिया था. इसी सिलसिले में इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे एक ऐसे भारतीय घरेलू क्रिकेटर के बारे में जिसका करियर अगर फ़िक्सिंग की भेंट न चढ़ता तो उनकी क्षमता आज के समय में सीनियर ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा का विकल्प बनने की थी.

अबरार काज़ी में थी हर फ़ॉर्मेट का बेहतरीन ऑलराउंडर बनने की क्षमता

Abrar Kazi

कर्नाटक के 31 वर्षीय सीनियर घरेलू स्पिन ऑलराउंडर अबरार काज़ी (Abrar Kazi) ने अपने घरेलू क्रिकेट करियर की शुरुआत 2011 में कर दी थी. तब से और फ़िक्सिंग में पकड़े जाने तक अबरार ने अपने घरेलू करियर में कुल 17 फ़र्स्ट-क्लास मैच, 35 लिस्ट-ए मैच और 8 घरेलू टी20 मैच खेले हैं.

इन मैचों में अबरार काज़ी (Abrar Kazi) ने गेंद और बल्ले, दोनों ही तरह से बेहद शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने 17 फ़र्स्ट-क्लास मैचों में गेंद से 21.75 के गेंदबाज़ी औसत से 48 विकेट चटकाए तो वहीं बल्ले से उन्होंने 49.39 के बेहतरीन बल्लेबाज़ी औसत से 1136 रन बनाए. इसके अलावा लिस्ट-ए में भी काज़ी ने गेंद से 47 विकेट के अलावा बल्ले से 33.61 के बल्लेबाज़ी औसत से 437  रन बनाए हैं.

केपीएल-2019 में की गई फ़िक्सिंग ने बर्बाद कर दिया करियर

Karnataka Premier League match-fixing case: Bellary Tuskers' Gautam, Abrar  Kazi held - The Hindu

अबरार (Abrar Kazi) के करियर में सब कुछ बेहतर चल ही रहा था कि अचानक चंद पैसों के लालच में की गई फ़िक्सिंग ने इस क्रिकेटर के करियर को पूरी तरह से बदल कर या कहें कि बर्बाद कर के रख दिया. अगर वो इस लालच की भेंट अपने करियर को न चढ़ाते तो आज के दौर में भारतीय टीम के पास जडेजा के विकल्प के तौर पर तैयार हो सकते थे.

दरअसल, वाक़या उस वक़्त का है केपीएल 2019 में केपीएल के दौरान बल्लारी टस्कर्स और हुबली टाइगर्स के बीच खेले गए फ़ाइनल के नतीजे को फ़िक्स करने के लिए अबरार काज़ी और सीएम गौतम को धीमा खेलने के 20-20 लाख रुपये ऑफ़र किए गए थे. मामला सामने आने के बाद दोनों ही आरोपी खिलाड़ियों को क्राइम ब्रांच की टीम ने 7 नवंबर 2019 को गिरफ़्तार कर लिया था. उसके बाद से अब तक अबरार ने एक भी घरेलू क्रिकेट मैच नहीं खेला है.

रणजी ट्रॉफ़ी 2018-19 में गेंद और बल्ले से असाधारण प्रदर्शन कर सुर्खियों में आए थे अबरार

Abrar Kazi: Ranji Trophy 2018: Abrar Kazi's all-round show sinks Mizoram

अबरार काज़ी (Abrar Kazi) ने रणजी ट्रॉफ़ी (Ranji Trophy) 2018 में अपनी गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी के असाधारण प्रदर्शन से तमाम क्रिकेट एक्सपर्ट्स और क्रिकेट फ़ैंस को हैरानी में डाल दिया था. दरअसल, उस रणजी सीज़न में अबरार ने नागालैंड के लिए 8 रणजी मैच खेले. इन 8 मैचों में उन्होंने बल्ले से ताबड़तोड़ शानदार प्रदर्शन करते हुए 74.00 के बेहतरीन बल्लेबाज़ी औसत से 814 रन बनाए.

इसी के साथ अबरार काज़ी (Abrar Kazi) 2018-19 में नागालैंड के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बने. इसके अलावा गेंदबाज़ी में भी उन्होंने जिस स्तर की गेंदबाज़ी की उसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया. दरअसल, इन्हीं 8 मैचों में अबरार (Abrar Kazi) ने 15.05 के शानदार और किफ़ायती गेंदबाज़ी औसत से 34 विकेट चटकाए और नागालैंड के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ के साथ-साथ सबसे ज़्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज़ भी बने.