अजय शिर्के को बीसीसीआई की बैठकों में उपस्थित होने की अनुमति नहीं : लोढ़ा समिति 1

लोढ़ा समिति ने बीसीसीआई की बैठक को लेकर अपना रूख पूरी तरह से साफ़ कर दिया है और इसमें पूर्व बीसीसीआई सचिव अजय शिर्के को उपस्थित होने की अनुमति नहीं दी है और शिर्के अब महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व भी नहीं कर पाएंगे.रिकार्ड्स: न्यूज़ीलैण्ड बनाम बांग्लादेश पहला टेस्ट दूसरा दिन: शाकिब अल हसन ने लगाया दोहरा शतक

लोढ़ा समिति और बीसीसीआई के बीच रिश्ते तो बहुत पहले से ही ख़राब हो गए थे, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था और अब उनके किसी भी बैठक में शामिल होने पर भी रोक लगा दी गयी है.बीसीसीआई का यह मुख्य अधिकारी नहीं चाहता था भारत और इंग्लैंड के बीच हो वनडे और टी-20 सीरीज

अब सबके मन में सवाल उठ रहें हैं, कि एक बर्खास्त अधिकारी किसी का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता है क्या यह बीसीसीआई के नियम में है या नहीं है. क्या अधिनियम में एक अयोग्य अधिकारी प्रतिनिधित्व कर सकता है.कप्तानी छोड़ने के बाद टीम में अपनी जगह पर बोले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी

इन सवालों का जवाब देते हुए लोढ़ा समिति ने अपना कहा,

“माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले का विरोध नहीं किया जा सकता है और कोई अधिकारी बोर्ड में किसी पद पर तैनात नहीं है तो उसे किसी भी बैठक या एसोसिएशन के किसी भी समारोह में शामिल होने का कोई अधिकार नहीं है जब तक उसको पद वापस नहीं मिल जाता है.”

इन दोनों के हटाए जाने के बाद बीसीसीआई के अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा जोर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के ऊपर दिया जा रहा है और लोढ़ा समिति ने भी सौरव गांगुली को बोर्ड का अगला अध्यक्ष बनाने के संकेत दिए थे. अगर सौरव को बीसीसीआई का अध्यक्ष बनाया जाता है तो उन्हें बंगाल क्रिकेट से इस्तीफ़ा देना होगा जहाँ अभी उनका कार्यकाल पूरा नहीं हुआ है.अयोग्य अधिकारियों का बीसीसीआई में कार्यकाल खत्म : लोढ़ा समिति