उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने बताया, न्यूजीलैंड दौरे पर किन-किन चुनौतियों से होगा समाना 1

भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों टेस्ट क्रिकेट में सफलता के रथ पर सवार है. एक के बाद एक सीरीज जीतते हुए टीम इंडिया मौजूदा वक्त में चल रही आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में नंबर-1 पर काबिज हैं. अब टीम को फरवरी में न्यूजीलैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज खेलनी है. दौरे से पहले टीम के उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने एक इंटरव्यू के दौरान आगामी टेस्ट सीरीज के अहम मुद्दों के बारे में बात की है.

लंबे वक्त बाद क्राइस्टचर्च पर खेलेगी टीम इंडिया

अजिंक्य रहाणे

अजिंक्य रहाणे ने पिछले न्यूजीलैंड दौरे के बारे में बात करते हुए कहा,

हमने 2014 में वहां खेला था. वहां हवा एक बड़ा कारक होता है. मुझे लगता है कि हम परिस्थितियों और हवा का इस्तेमाल करते हुए अच्छा खेल दिखा सकेंगे. लेकिन क्राइस्टचर्च में हम लंबे समय के बाद एक टेस्ट मैच खेल रहे हैं. परिस्थितियों का सामना करना महत्वपूर्ण होगा.

पिछले दौरे में, मैंने वेलिंगटन में खेला था, लेकिन क्राइस्टचर्च में हम लंबे समय के बाद एक टेस्ट मैच खेल रहे हैं. परिस्थितियों का सामना करना महत्वपूर्ण होगा.

उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने बताया, न्यूजीलैंड दौरे पर किन-किन चुनौतियों से होगा समाना 2

स्वाभाविक खेल खेलने की है जरूरत

2014 में, यह एक युवा टीम थी जिसने न्यूजीलैंड का दौरा किया था और टेस्ट सीरीज 0-1 से हारी थी लेकिन तब से बहुत कुछ बदल गया है. न्यूजीलैंड में अपने स्वाभाविक खेल दिखाने के बारे में बात करते हुए रहाणे ने कहा,

वैगनर ने हालिया टेस्ट सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया. आप सिर्फ एक नाम नहीं ले सकते. बल्लेबाजी इकाई के रूप में, आपको हर गेंदबाज का सम्मान करना होता है. घरेलू सरजमीं का उन्हें फायदा मिलेगा. स्थिति अच्छी है लेकिन साथ ही हमें अपना स्वाभाविक खेल भी खेलने की जरूरत है.

खिलाड़ियों को मूल बातों पर ध्यान करना चाहिए केंद्र

अजिंक्य रहाणे

अलग-अलग तरह की गेंदबाजी का मुकाबला करने के अलग-अलग तरीके होते हैं. हर किसी की अलग-अलग टैक्निक होती है. कुछ खिलाड़ी क्रीच के बाहर खड़े रहना पसंद करते हैं और कुछ क्रीच के अंदर गहरे खड़े होते हैं.

कुछ मिडिल-स्टंप गार्ड लेते हैं, कुछ लेग-स्टंप गार्ड लेते हैं. हर खिलाड़ियों को अपनी पावर के साथ खेलना चाहिए. आपको मूल बातों पर ध्यान केंद्रित करना होगा क्योंकि आप अपनी टैक्निक के बारे में बहुत अधिक नहीं सोच सकते हैं.

यह आपके खेल को सरल रखने, शरीर के करीब खेलने, यथासंभव देर और स्थिति के अनुसार होने के बारे में है. पेस और उछाल अलग-अलग होंगे.