किसी खिलाड़ी या कोच को नहीं, बल्कि इस खास शख्स को दिया अजिंक्य रहाणे ने सीरीज जीत का श्रेय 1

भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराकर बॉर्डर-गावस्कर सीरीज को अपने नाम कर लिया। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भारत ने ये ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद से ही चारों तरफ रहाणे की कप्तानी की चर्चा चल रही है और अब कप्तान ने खुद बताया कि इस दौरे पर टीम ने किस तरह से वापसी की, इसके बारे में बताया है।

टीम के साथ फिजियो को जाता है क्रेडिट

अजिंक्य रहाणे

भारत ने ऑस्ट्रेलिया सीरीज में उस परिस्थिति में सीरीज जीती है, जबकि टीम ने सीरीज का पहला मैच एडिलेट में शर्मनाक तरीके से गंवाया था और कप्तान विराट कोहली पैतृक अवकाश के लिए भारत लौट गए। मगर फिर टीम की कमान अजिंक्य रहाणे ने संभाली और इतिहास रच दिया। रहाणे ने टीम को तो श्रेय दिया ही खासकर उन्होंने फिजियो को इस जीत का श्रेय दिया। स्पोर्ट्स तक पर बात करते हुए अजिंक्य रहाणे ने कहा,

“सिर्फ मुझे नहीं बल्कि टीम के सभी खिलाड़ियों को सदस्यों को क्रेडिट जाना चाहिए, क्योंकि अगर किसी ने छोटा सा योगदान भी दिया है ना, तो वह हमारे लिए बहुत जरुरी था। जरूर एक चैलेंज था, जब हम एडिलेट से निकलकर हम मेलबर्न में गए, तो हमने पहले ही डिसाइड कर लिया कि हम बीते मैच के बारे में बिल्कुल बात नहीं करेंगे कि एडिलेट में क्या हुआ।”

“खासकर हमारी टीम के फिजियो को श्रेय जाता है क्योंकि भले ही टीम के कितने भी खिलाड़ी चोटिल हो जाएं, जब भी हम जा रहे होते थे खेलने तो अपने चेहरे पर एक अच्छी सी मुस्कान रखते थे, जिसने हमारी बहुत मदद की।”

एडिलेट के बारे में ना बात करने का लिया फैसला

अजिंक्य रहाणे

एडिलेट टेस्ट  मैच की दूसरी पारी में भारतीय क्रिकेट टीम 36 रनों के स्कोर पर ही ऑलआउट हो गई थी। ये शर्मनाक हार शायद भारत कभी भुला पाता, लेकिन रहाणे ने बताया कि जब वह मेलबर्न टेस्ट की तैयारी कर रहे थे तो उन्होंने डिसाइड कर लिया कि एडिलेट के बारे में कोई बात नहीं की जाएगी। रहाणे ने बताया,

“हां, एडिलेट में जरूर एक घंटे में पूरी चीजें बदल गईं, लेकिन आप यदि देखें तो पहले और दूसरे दिन हमने अच्छा क्रिकेट खेला था। फिर हमने यही सोचा कि हम अच्छा क्रिकेट खेले, सिर्फ एक घंटा हमारे लिए खराब गया, तो उसकी वजह से हम मैच हारे। अब हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि मेलबर्न में हमारे लिए क्या जरूरी है। हम मैच के रिजल्ट के बारे में नहीं सोच रहे थे, बस हम अच्छी फाइटिंग स्पिरिट के साथ क्रिकेट खेलना चाहते थे।”