अंबाती रायडू थे टीम के बिगडैल बल्लेबाज पूरी टीम को लेकर हो गए थे फुर्र

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भारतीय टीम का सबसे बिगडैल खिलाड़ी बीसीसीआई के मना करने पर भी पूरी टीम को लेकर निकल गया 

भारतीय टीम का सबसे बिगडैल खिलाड़ी बीसीसीआई के मना करने पर भी पूरी टीम को लेकर निकल गया

एक तरफ भारत आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में शामिल हो गई है. तो वहीं भारत में एक के बाद एक खिलाड़ी संन्यास की घोषणा कर फैंस को निराश कर रहे हैं. सिक्सर किंग युवराज सिंह के बाद अब भारतीय बल्लेबाज़ अंबाती रायडू ने भी बुधवार को बीसीसीआई को पत्र लिखकर संन्यास की घोषणा कर दी. 33 वर्ष की उम्र मे अचानक से क्रिकेट से सन्यास ले कर अंबाती रायडू ने सबको चौका दिया.

अंबाती रायडू पूरी टीम को लेकर हो गए थे फुर्र

अंबाती रायडू

20 वर्ष के उम्र से कोई यह सोच नहीं सकता कि कोई लड़का इतना शैतान कैसे हो सकता है. रायडू जब 20 वर्ष के थे तभी वह हैदराबाद की पूरी रणजी टीम को लेकर चले गए थे. जिस प्रकार अभी आईपीएल बीसीसीआई द्वारा संचालित की जा रही है उसी प्रकार आईसीएल भी हुआ करती थी पर वो  बीसीसीआई से नही चलती थी.

इसी वजह से इंडियन क्रिकेट लीग रणजी टीम के खिलाड़ियों के साथ कांट्रैक्ट करती थी. आईसीएल जो 2007 में टी-20 की कामयाबी के बाद क्रिकेट के एक नए लीग के रूप में आया, लेकिन यह अब पूरी तरह  प्रतिबंधित है.

2007 मे रायडू हैदराबाद रणजी क्रिकेट टीम के कप्तान थे और वह आईसीएल के साथ खेलने को तैयार हो गए, सिर्फ खुद ही नहीं पूरी रणजी टीम को उनके लिए खेलने को भी तैयार कर लिया.

अंबाती की इस हरकत के बाद ऐसा तैयार हुई पूरी टीम

अंबाती रायडू

ऐसा नहीं है की रायडू को वहां मौका नहीं मिल रहा था बल्कि उनको तो उस टीम का सचिन तेंदुलकर बोला जाता था. जब अंबाती रायडू पूरी टीम को  लेकर चले गए तो उसके बाद हैदराबाद की रणजी टीम के पास कोई खिलाड़ी नहीं बचा उसके बाद आनन-फानन में निचले स्तर के खिलाड़ियों को शामिल कर नई टीम बनाई गई.

इस लीग को सफल बनाने के लिए आईसीएल ने कई इंटरनेशनल और रणजी खिलाड़ियों से संपर्क किया, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर खेलने वाले खिलाड़ियों ने इनकार कर दिया. इसके बाद आईसीएल ने रणजी खिलाड़ियों की ओर कदम बढ़ाए.

क्रिकेट के शुरुआती करियर मे विवाद से रहा नाता

अंबाती रायडू

33 वर्ष के इस खिलाड़ी ने जैसे ही संन्यास की बात कही वैसे ही सब लोग आश्चर्यचकित थे. रायडू जब 16 वर्ष की उम्र मे थे तभी उन्होंने अपने बल्ले से तहलका मचा दिया था.

2004-05 के रणजी सीज़न में रायडू की फॉर्म बेहद खराब रही. वो 11.92 की औसत से सिर्फ 155 रन ही बना सके. उस वक्त टीम के कोच राजेश यादव से उनका मनमुटाव हो गया. वो हैदराबाद से चले गए और आंध्र प्रदेश की टीम में शामिल हो गए. बाद में उनका अंपायर से झगड़ा हो गया और वो हैदराबाद की टीम में लौट आए. ऐसा करने से किसी भी खिलाड़ी की छवि धूमिल हो जाती है

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