आशीष नेहरा

भारतीय क्रिकेट टीम के महान कप्तानों में से एक पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने हाल ही में अपने इंटरनेशनल करियर को अलविदा कह दिया है। महेंद्र सिंह धोनी पिछले करीब एक साल से भारतीय क्रिकेट टीम से दूर थे। उसी दौरान उनके संन्यास की अटकलें लगायी जा रही थी। आखिरकार उन्होंने उन अटकलों को सही साबित करते हुए 15 अगस्त को अचानक ही इसका फैसला कर लिया।

महेंद्र सिंह धोनी का उनके साथी कर रहे हैं गुणगान

दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी का भारतीय क्रिकेट टीम में बतौर कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में जो योगदान रहा है उससे कोई अनजान नहीं है। एमएस धोनी ने अभूतपूर्व योगदान दिया है।

गौतम गंभीर

भारत के कैप्टन कूल कहे जाने वाले इस खिलाड़ी के इसी योगदान के कारण उनके साथ खेलने वाले तमाम खिलाड़ी उनका गुणगान कर रहे हैं। महेंद्र सिंह धोनी को लेकर भारत के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने भी बात की।

पहली बार महेंद्र सिंह धोनी को साल 2004 में देखा

आशीष नेहरा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई के एक कॉलम में धोनी के साथ खेलने से लेकर ड्रेसिंग रूम शेयर करने तक कई बातों को बताया। आशीष नेहरा ने लिखा कि

मैंने पहली बार 2004 की शुरुआत महेंद्र सिंह धोनी को पाकिस्तान जाने से पहले देखा था। ये दलीप ट्रॉफी का फाइनल था और मैंने वापसी की थी। लेकिन तब सौरव गांगुली ने मुझसे कहा था कि आशु फाइनल खेलो और तुम बताओ कि कैसा महसूस कर रहे हो। ये वो मैच था जहां मैंने पहली बार एमएस धोनी को गेंदबाजी की थी और मुझे याद नहीं है कि उन्होंने कितने रन बनाए थे। लेकिन एक बार जब आप भारत के लिए खेलते हैं तो आपको अंदाजा हो जाता है कि वो कैसा करेगा। उस थोड़े से समय में मैंने जो देखा, उससे मुझे अहसास हुआ कि वो इंटरनेशनल क्रिकेट में बने रह सकते हैं।”

आशीष नेहरा

शुरुआत से ही उनकी ताकत देख होती थी हैरानी

उन्होंने आगे कहा कि

“उस समय मैं लगातार 140 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहा था और उसका एक शॉट गलत तरीके से बल्ले पर लगने के बाद भी गेंद सीमा रेखा के पार छह रनों के लिए चली गई। उनकी ताकत ने मुझे हैरान कर दिया था। अगर मुझे उनकी विकेटकीपिंग के बारे में पूछते हैं तो वो निश्चित रूप से सैयद किरमानी, नयन मोगिंया या किरण मोरे के करीब भी नहीं थे। लेकिन समय के साथ बेहतर होते गए और जब उन्होंने करियर समाप्त किया तो वो अपने दिमाग और फुर्ती के कारण सबसे तेज हाथों वाले कीपर बन गए।”

महेंद्र सिंह धोनी के खेल में ये बात देखकर हैरान रह गये थे आशीष नेहरा, सुनाया पुराना किस्सा 1

आशीष नेहरा

धोनी खुद तक सीमित रहने वाले थे व्यक्ति

आशीष नेहरा ने कहा

“जब धोनी भारतीय क्रिकेट में आए थे तो वो ज्यादा जिम नहीं जाते थे लेकिन वे नियमित रूप से बैडमिंटन और फुटबॉल खेलते थे जिससे उनके शरीर का निचला हिस्सा काफी ताकतवर था। जब वो 2004-05 सत्र में भारतीय ड्रेसिंग रूम में पहुंचे तो मेरी पहली धारणा क्या थी ? मैं कहूंगा कि वो खुद तक सीमित रहने वाले व्यक्ति थे और गलती होने पर माफी मांग लेते थे। “

आशीष नेहरा

हम में से पांच सचिन तेंदुलकर, हरभजन सिंह, जहीर खान और खुद मैं दौरे के दौरान ज्यादातर समय एक साथ रात का खाना खाते थे। मुझे याद नहीं कि धोनी कभी हमारे साथ आए हों। वो हमेशा रिजर्व रहते।

धोनी के रूम में जो सकता था कोई भी, खुद कभी नहीं जाते दूसरे के कमरों में

नेहरा ने आगे एक बड़ी बात करते हुए कहा कि

धोनी कभी किसी सीनियर क्रिकेटर के कमरे में नहीं जाते थे और ज्यादातर समय खुद तक सीमित थे। ये 2004-05 की बात थी लेकिन जब तक मैंने आखिरी बार 2017 में खेला, तब भी वो लगभग उसी तरह थे। उन तक आसानी से पहुंचा जा सकता था लेकिन खुद अपने कमरे में रहना पसंद करते थे। उनका कमरा सभी के लिए खुला रहता था। शायद वो इकलौते क्रिकेटर रहे हैं जो कभी किसी के कमरे में नहीं गए। लेकिन हमेशा जूनियर क्रिकेटरों का स्वागत करते थे।”

एमएस धोनी

“आप कभी भी माही के कमरे में एन्ट्री कर सकते थे। फोन उठा कर कुछ मांग सकते थे। वीडियो गेम खेल सकते थे, क्रिकेट के बारे में बात कर सकते थे, और अगर आपके पास क्रिकेट से जुड़ी कुछ समस्या है तो आप उस पर बात कर सकते थे। लेकिन हां, वो कोई बाहरी गॉसिप या किसी के पीठ के पीछे किसी की बुराई सुनना नहीं चाहते थे। वो चर्चा को कभी दूसरी तरफ भटकाने नहीं देते थे। यही कारण है कि वो हमेशा चाहते थे कि ड्रेसिंग रूम में मुद्दों का हल वहीं निकले। वहां की बातें बाहर ना जाए।”