"सर्वश्रेष्ठ स्पिनर" के टैग लायक बेहतर कर चुका हूँ - अश्विन 1

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली ऐतिहासिक जीत में भारतीय टीम के लिए सीनियर ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन और बाकी खिलाड़ियों ने काफ़ी अहम भूमिका निभाई. वैसे तो अश्विन ने कई दफ़ा ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया है. लेकिन उनके लिए हाल ही में खत्म हुई सीरीज़ खास और यादगार साबित हुई.

4 टेस्ट मैचों की सीरीज़ में अश्विन ने न केवल गेंद से बल्कि ज़रूरत पड़ने पर बल्ले से भी काफ़ी बेहतरीन प्रदर्शन किया है. रविवार को पत्रकारों के एक समूह से बातचीत करते हुए अश्विन इस दौरे  पर भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ स्टीव स्मिथ से अपनी प्रतिद्वंदिता पर भी बात की.

बेंच-स्ट्रेंथ को दिया जाना चाहिए जीत का श्रेय – रविचंद्रन अश्विन

रविचंद्रन अश्विन

पत्रकार : अगर ऑस्ट्रेलिया खिलाफ़ हुई सीरीज़ की बात करें तो क्या आपको लगता है कि ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम की बेंचस्ट्रेंथ को काफ़ी कम कर आँक लिया था?

अश्विन : “इस बारे में मुझे ज़्यादा नहीं पता. लेकिन पर्सनली मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया वाले ये जानते थे कि हमारी गेंदबाज़ी पूरी सीरीज़ में उनके लिए चुनौती  पूर्ण रहने वाली है. हमारी टीम ने 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद भी बेहतरीन वापसी करने के लिए अपने रास्ते तलाश लिए थे.

ये हमारी बेंच-स्ट्रेंथ का ही  कमाल था कि हमने सीरीज़ को जिस तरफ़ चाहा उस तरफ़ मोड़ दिया. जब भी टीम के सामने कोई नई चुनौती आई तो हमारे  किसी न किसी खिलाड़ी ने पूरी तरह मोर्चा संभाले रखा. इसलिए इस जीत का श्रेय काफ़ी हद तक हमारी बेंच-स्ट्रेंथ को ही जाता है.”

बीते 3 साल की तुलना में ये मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन – अश्विन

"सर्वश्रेष्ठ स्पिनर" के टैग लायक बेहतर कर चुका हूँ - अश्विन 2

पत्रकार : आपने इससे पहले भी ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया है. क्या आपको  लगता है कि ये यहाँ पर अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन  था?

अश्विन : “थोड़ा पीछे मुड़ कर देखें  तो आप ये कह सकते हैं कि मेरा प्रदर्शन उतना बेहतर  या वैसा नहीं रहा जिसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कहा जा सके. कभी भी किसी भी तरह की परिस्थिति सामने आ सकती है. एडिलेड टेस्ट से पहले मैं नेट्स में काफ़ी सीमित गेंदबाज़ी कर रहा था. मैं बस मैच के दिन मैदान पर उतर कर बेहतर प्रदर्शन का वो भाव महसूस करना चाह रहा था.

ईमानदारी से बताऊं तो मुझे शुरु में ये भी नहीं पता था कि मैं इस सीरीज़ में खेलूंगा भी या नहीं. लेकिन रविंद्र जडेजा को हुई हैमस्ट्रिंग इंजरी के बाद पहले टेस्ट में मुझे मौका मिला. चीज़ें अपनी-अपनी जगह पर सही रही और बीते 2 साल में मुझे लग रहा  है कि मैंने गेंदबाज़ी में कुछ बेहतर डिलीवर किया है.  हाँ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ 2018-19 की सीरीज़ ठीक ठाक गुज़री थी. लेकिन 2020-21 की सीरीज़ मेरे पिछले 3 साल की तुलना में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में  से एक है.”

अश्विन ने माना एक या दो पारी से बल्लेबाज़ी का आकलन जाइज़ नहीं

हनुमा विहारी

पत्रकार : बीते कुछ समय में आपकी बल्लेबाज़ी आलोचनाओं के घेरे में रही. इस लिहाज़ से सिडनी में खेली गई पारी आपके व्यक्तित्व के लिए कितने मायने रखती है?

अश्विन : “2016 में वेस्टइंडीज़ दौरे के बाद से मेरी बल्लेबाज़ी पर काफ़ी सवाल उठाए. लेकिन इस दौरानिए को  लेकर गौर करने लायक बात ये है कि मैं एक टाइम फ़्रेम में तीनों फ़ॉर्मेट में एक साथ खेल रहा था. कई बार सिर्फ़ टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों की भूमिका को इतनी आसानी से जस्टिफ़ाई नहीं किया जा सकता या  फिर लोग चीज़ों को  समझने की कोशिश नहीं करना चाहते.

जब से मैं टेस्ट क्रिकेट खेल रहा हूँ तब से. क्रिकेट यहाँ हो  या कहीं और, क्रिकेट क्रिकेट होता है. मैं लगातार टीम में बतौर एक स्पिनर जगह बनाने के लिए मेहनत करता रहा हूँ. अगर मेरा आकलन मेरी बल्लेबाज़ी स्किल्स पर भी किया जाना है तो एक या दो पारी के आधार पर टीम से ड्रॉप कर देना, मुझे नहीं लगता, जस्टीफ़ाइड़ है.”