मैन ऑफ द सीरीज बनने के बाद अश्विन को क्यों आई जडेजा की याद 1

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गये चौथे टेस्ट में भारत ने पारी और 25 रन से जीत दर्ज की है। इस मैच में भारतीय ऑफ़ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 8 विकेट और लेफ्ट आर्म स्पिनर अक्षर पटेल ने 9 विकेट लिए हैं। इतना ही नहीं दोनों स्पिनरों ने पूरी सीरीज ने क्रमशः 32 और 28 विकेट लिए हैं। सीरीज में अश्विन ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शतक भी लगाया, जिसके बदौलत उन्हे मैन ऑफ द सीरीज मिला।

मैन ऑफ द सीरीज बनने के बाद बोले अश्विन

मैन ऑफ द सीरीज बनने के बाद अश्विन को क्यों आई जडेजा की याद 2

 

मैन ऑफ़ द सीरीज चुने जाने के बाद भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन काफी उत्साहित दिखाई दिए। अवार्ड मिलने के बाद उन्होंने कहा कि-

” अब हम वर्ल्ड क्रिकेट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में हैं और ये हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण बात है। यह श्रृंखला काफी मजेदार रही और हमें सीखने का मौका मिला। वैसे मैंने कभी नहीं सोचा था कि चेन्नई में शतक लगाऊंगा, लेकिन वह मेरी जिंदगी के सबसे शानदार रनों में से है। मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं।

मुझे ख़ुशी है कि बल्लेबाजों को सही मौके दे सका. रविन्द्र जडेजा अभी चोटिल हैं, लेकिन उन्होंने और कप्तान कोहली ने मुझे भरोसा दिलाया था। जिस वजह से अच्छी बल्लेबाजी कर सका। “

अश्विन ने साथी खिलाड़ियों कि की तारीफ

मैन ऑफ द सीरीज बनने के बाद अश्विन को क्यों आई जडेजा की याद 3

अश्विन ने आगे बोलते हुए अपने साथी खिलाड़ियों कि तारीफ की-

” ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुन्दर सच में गेम चेंजर खिलाड़ी हैं। उन दोनों ने बेहतरीन बैटिंग की। ऋषभ पंत कभी-कभी मेरे पास आता है और मुझे बताता है कि ऐश भाई मैं ऐसे कैच अक्सर क्लब क्रिकेट और आईपीएल में लेता हूं।”

“वैसे मुझे ऑस्ट्रेलिया दौरे में ऐसा नहीं लगा था कि मैं प्लेइंग इलेवेन में भी खेल पाऊंगा। अक्षर भी जडेजा की जगह आया है और उसने भी अच्छी गेंदबाजी की। उनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है।”

रविचंद्रन अश्विन 8 बार जीत चुके हैं खिताब

अश्विन

भारतीय ऑफ़ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आठवीं बार मैन ऑफ़ द मैच का खिताब अपने नाम किया है. उन्होंने वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 बार और ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका एवं इंग्लैंड के खिलाफ 1 -1 बार मैन ऑफ़ द सीरीज का पुरस्कार जीता है.

अश्विन भारत की तरफ से सबसे ज्यादा मैन ऑफ़ द सीरीज जीतने वाले खिलाड़ी हैं. यह पुरस्कार अश्विन से ज्यादा बार सिर्फ दो और खिलाडियों ने जीता है. जिसमें से मुथैया मुरलीधरन 11 के साथ पहले स्थान और जैक कालिस 9 पुरस्कारों के साथ दूसरे स्थान पर काबिज हैं.