ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत टी-20: इन पांच खिलाडि़यों पर रहेगी नजर

खेल डेस्‍क। एडिलेड ओवल ग्राउंड पर फटाफट क्रिकेट यानी टी-20 की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया और टीम इंडिया मार्च में वर्ल्‍ड टी-20 शुरू होने से पहले अपनी तैयारियों का जायजा इस सीरीज में लेंगी। दोनों ही टीमों के लिए यह सीरीज टी-20 विश्‍व कप से पहले बहुत महत्‍वपूर्ण मानी जा रही है। होगी भी क्‍यों नहीं, आखिर दोनों टीमों को टी-20 विश्‍व कप के खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया के लिए टी-20 विश्वकप से पहले फटाफट क्रिकेट की यह संभवत: अंतिम सीरीज होगी जबकि टीम इंडिया फरवरी में श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेलेगी। वन-डे सीरीज में 1-4 से पिछड़ने के बाद धोनी के धुरंधर क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में खुद का विश्वास हासिल करना चाहेंगे। टी-20 टीम में भारत के पास युवाओं और अनुभवी खिलाडि़यों का अच्‍छा मिश्रण है। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने युवाओं पर भरोसा जताया है।

अब बात करते हैं उन पांच खिलाडि़यों की जिनके प्रदर्शन पर आगामी टी-20 सीरीज में नजर रहेगी-

1- युवराज सिंह
बहुत समय बाद भारतीय प्रशंसक अपने चहेते बल्लेबाज युवराज सिंह को फिर से नीली जर्सी में देखेंगे। इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह एक मैच विजेता खिलाड़ी है। युवराज सिंह ने अपना अंतिम मैच आईसीसी वर्ल्ड टी-20 2014 में खेला था। उस मैच में उन्‍होंने 21 गेंद में 11 रन की पारी खेली थी और टीम इंडिया की रनगति बुरी तरह से प्रभावित हो गई थी। लेकिन युवराज ने विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करके एक बार फिर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। उन्‍होंने इस टूर्नामेंट में 61.75 की औसत से रन बनाए। उनका स्‍ट्राइक रेट 170.34 रहा। अब देखना यह है कि क्‍या वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना कमाल दिखा पाएंगे और किस तरह से एक बार फिर अपने आप को साबित करेंगे।

2- क्रिस लिन
ऑस्ट्रेलिया की घरेलू टी-20 बिग बैश्‍ा लीग में इस बल्लेबाजो ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। वह जिस प्रकार से बल्‍लेबाजी करते है, भारतीय गेंदबाजों को उनके बारे में सोचना होगा। ब्रिसबेन हीट के लिए उन्‍होंने 8 मैच में 378 रन बनाए। वह इस समय शानदार फॉर्म में हैं। अगर ऐसा कहां जाए कि लिन ऑस्ट्रेलिया के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं तो गलत नहीं होगा। मैक्‍सबेल की अनुपस्थिति में लिन मिडिल ऑर्डर में बल्‍लेबाजी करते है।

3- हार्दिक पंड्या
भारतीय टीम के लिए तेज गेंदबाज ऑलराउंडर हमेशा से चिंता का विषय रहा हैं। ऐसे में पंड्या के आने से माना जा रहा है कि गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाए तो वह एक बेहतरीन ऑलराउंडर की भूमिका निभा सकते हैं। पंड्या भारत के लिए एक्स फैक्‍टर साबित हो सकते हैं। उनमें आंद्रे रसेल और किरोन पोलार्ड की झलक दिखती है। अगर पंड्या ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने में कामयाब रहे तो यह टीम इंडिया के लिए एक बेहतरीन विकल्‍प होगा।

 

 

4- शॉन टैट
शॉन टैट ने आईसीसी वर्ल्ड 2011 के बाद सन्यास ले लिया था। वह पांच साल बाद वापसी कर रहे है। उनकी पहचान शानदार तेज गेंदबाज के रूप में होती है। मगर इस दौरान उन्हें अपनी चोटों का ध्यान रखना होगा जो उनके लिए घातक साबित हो सकती हैं। वह क्रिकेट के दवाब से अच्छी तरह से वाकिफ है और एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्‍व करने को बेताब हैं। बिग बैश लीग में उनका प्रदर्शन से शानदार रहा है। वह नई गेंद से घातक गेंदबाजी करते है और इसी रूप में उन्होंने अपनी पहचान बना रखी है।

5- आशीष नेहरा
शॉन टैट की तरह ही भारतीय गेंदबाज आशीष नेहरा भी विश्वकप 2011 के बाद टीम में वापसी कर रहे हैं। नेहरा का अंतिम बार अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में सामना पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप के सेमीफाइनल में मोहाली में हुआ था। नेहरा की वापसी से टीम इंडिया की गेंदबाजी को एक नई धार मिलेगी। वो नई गेंद स्विंग कराने में माहिर है और उनका पहला स्पैल काफी बेहतरीन होता है। इतना ही कारगर उन्हें डैथ ओवरों के लिए भी माना जाता है। ऐसा माना जा रहा है कि इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया की एक खोज समाप्त हो जाएगी और उन्हें नेहरा के रूप में बाएं हाथ से गेंदबाजी करने वाला एक घातक खिलाड़ी मिल जाएगा।

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