ऋषभ पंत को ऑस्ट्रेलिया के ब्रैड हैडिन ने दी ये खास सलाह

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ऋषभ पंत तुम जैसे हो वैसे बनो महेंद्र सिंह धोनी बनने की कोशिस मत करो: ब्रैड हाडिन 

ऋषभ पंत तुम जैसे हो वैसे बनो महेंद्र सिंह धोनी बनने की कोशिस मत करो: ब्रैड हाडिन

भारतीय क्रिकेट टीम में पिछले कुछ साल में युवा प्रतिभाशाली विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत खास चर्चा का विषय रहे हैं। दिल्ली के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत में भारतीय क्रिकेट के भविष्य की अपार संभावनाएं देखी गई हैं। और साथ ही उन्हें तो भारत के दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज महेन्द्र सिंह धोनी का सबसे बड़ा उत्तराधिकारी माना जा रहा है।

पिछले दो साल से लगातार मौका हासिल कर रहे हैं ऋषभ पंत

वैसे ऋषभ पंत में काबिलियत की कोई कमी नहीं है तभी तो वो पिछले करीब दो साल से लगातार भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हैं। पंत को भारत के लिए तीनों ही फॉर्मेट में जगह भी मिल चुकी है और ठीक-ठाक मौका भी मिलता जा रहा है।

ऋषभ पंत तुम जैसे हो वैसे बनो महेंद्र सिंह धोनी बनने की कोशिस मत करो: ब्रैड हाडिन 1

लेकिन जिस तरह से ऋषभ पंत का अब तक का करियर रहा है वो वैसी छाप नहीं छोड़ सके हैं जैसी उम्मीदें उनसे की गई थी या की जाती रही है। पंत ने ना तो विकेटकीपर के रूप में और ना ही बल्लेबाजी के रूप में विश्वास को जीता है।

ऋषभ पंत को ऑस्ट्रेलिया के ब्रैड हैडिन ने दी खास सलाह

ऋषभ पंत अभी तो केवल 21 साल के हैं और उनके पास एक लंबा करियर पड़ा हुआ है। उनके इस प्रदर्शन के बाद भी विश्वास को दिखाया जा रहा है और लगातार टीम में स्थान दिया जा रहा है लेकिन खुद पंत को अब सोचना होगा कि उन्हें टीम में अपने स्थान को बरकरार रखने के लिए क्या अलग करना होगा।

ऋषभ पंत

अक्सर ही देखा जाता है कि युवा क्रिकेटरों को पूर्व दिग्गजों से सलाह मिलती रहती है। वैसे सलाह लेना गलत नहीं है और ये किसी भी युवा खिलाड़ी को बड़ा फायदा पहुंचा सकता है। वैसी ही सलाह इस बार ऋषभ पंत को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हैडिन ने दी है।

ऋषभ पंत को करनी चाहिए खुद की पहचान बनाने की कोशिश

ब्रैड हैडिन ने पंत को अपनी खुद ही अलग पहचान बनाने की सलाह दी है। ब्रैड हैडिन ने स्पोर्ट्स स्टार के साथ बात करते हुए कहा कि “ऋषभ पंत  को ऋषभ पंत बनना चाहिए उसे दूसरे की नकल नहीं करनी चाहिए, उसे धोनी बनने की कोशिस नहीं करनी चाहिए।”

ऋषभ पंत

हैडिन ने कहा कि

आप अपनी शैली से टीम में आते हैं। जब मुझे पहली बार टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला तो मैं एडम गिलक्रिस्ट या इयान हीली बनने की कोशिश नहीं कर सका। मुझे खेल के लिए एक अनूठी शैली लानी थी। यहां कोई भी चुनौती वो नहीं है जो आप किसी के साथ होने की कोशिश नहीं करते हैं। और सिर्फ अपने लिए ये सच है।”

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