रणजी ट्राफी जीतने के बाद अक्षर पटेल ने पार्थिव पटेल नहीं बल्कि इस विश्वकप विजेता गेंदबाज़ को दिया जीत का श्रेय 1

आरपी सिंह पिछले 2 साल से गुजरात की टीम की तरफ़ से रणजी ट्रॉफी खेल रहे है. इस बर पहली बार गुजरात ने रणजी ट्रॉफी को अपने नाम कर के इतिहास रच दिया है. इस बार गुजरात की टीम के कप्तान पार्थिव पटेल थे और कोच विजय पटेल थे. गुजरात के स्पिनर अक्षर पटेल ने इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय कप्तान और कोच के साथ टीम के तेज़ गेंदबाज़ आरपी सिंह को भी दिया है. रणजी ट्राफी जीतने पर वीरेंद्र सहवाग ने उड़ाया कप्तान पार्थिव पटेल का मजाक

अक्षर पटेल ने कहा,

“हमारी टीम ने इस बार रणजी ट्रॉफी को अपने नाम किया, क्योंकि हमने एक साथ होकर पूरा सीजन खेला है. हमारी इस ऐकता के पीछे, कप्तान पार्थिव पटेल और कोच विजय पटेल के साथ आरपी भाई का भी बहुत बड़ा हाथ है. उन्होंने ड्रेसिंग रूम में बहुत अच्छा वातावरण बनाया और युवा खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव भी शेयर किया.”

अक्षर पटेल ने इस बार गुजरात की तरफ़ से सिर्फ 4 ही मैच खेले, क्योंकि उन्हें भारत की तरफ से इंग्लैंड से हो रहे मैच के लिए जाना पड़ा, जहाँ इंग्लैंड के खिलाफ हो रहे आखिरी मैच में वह चोटिल हो गए.

हालाँकि, चोटिल होने के बावजूद वह गुजरात की टीम के साथ जुड़े रहे, जहाँ इंदौर में हुए मैच में गुजरात ने मुंबई को रणजी के फाइनल में करारी हार दी. पार्थिव पटेल ने किया बड़ा खुलासा, बताया क्यों गुजरात ही बना रणजी का नया चैम्पियन

अक्षर पटेल ने आगे आरपी सिंह के बारे में बोलते हुए कहा,

“आरपी भाई ने इस बार गुजरात की तरफ़ से तेज़ गेंदबाज़ी के साथ साथ युवा खिलाड़ियों के लिए मेंटर का भी काम किया. झारखण्ड के खिलाफ़ हुए सेमीफाइनल मैच में आरपी भाई ने 9 विकेट लिए, जो टीम की जीत के लिए बहुत ही उपयोगी विकेट थे.”

अक्षर पटेल ने आगे बढ़ते हुए कहा,

“इस बार गुजरात की टीम ने एक होकर मैच खेला है. सबने देखा होगा, इस बार हुए रणजी में गुजरात के XI में ज्यादा अंतर नहीं हुआ, सिर्फ तभी अंतर हुआ जब कुछ खिलाड़ियों को नेशनल ड्यूटी के लिए जाना पड़ा.”