'वो फेल होने से डरता है इसिलए धीरे खेलता है...', गावस्कर ने बताई बाबर की बल्लेबाज़ी की सबसे बड़ी कमी 1

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम (Babar Azam) की तुलना अक्सर भारतीय स्टार खिलाड़ी विराट कोहली से की जाती है। बता दें जैसे कोहली को टीम इंडिया का रन मशीन कहा जाता है, वैसे ही बाबर पाकिस्तान की टीम के लिए हैं, जो मौजूदा समय में दुनिया के बेस्ट बल्लेबाजों में गिना जाता है।

हालांकि पिछले कुछ समय से बाबर (Babar Azam) अपने डिफेंसिव अप्रोच को लेकर आलोचनाओं का शिकार हुए हैं। इसी कड़ी में टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर रोहन गावस्कर ने उनकी डिफेंसिव अप्रोच को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।

रोहन गावस्कर ने Babar Azam की डिफेंसिव अप्रोच को लेकर दिया ये बयान

रोहन गावस्कर ने Babar Azam की डिफेंसिव अप्रोच को लेकर दिया ये बयान
रोहन गावस्कर ने Babar Azam की डिफेंसिव अप्रोच को लेकर दिया ये बयान

दरअसल पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आज़म (Babar Azam) दुनिया के बेस्ट बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। उनकी शानदार बल्लेबाजी देख अच्छे-अच्छे बॉलर्स कांप उठते है। लेकिन बीते कुछ समय से बाबर अपनी डिफेंसिव अप्रोच को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। इसी कड़ी में टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर रोहन गावस्कर (Rohan Gavaskar) ने उनकी डिफेंसिव अफ्रोच को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।

बता दें रोहन गावस्कर ने कहा, उनको एक डायमेंशन वाला खिलाड़ी कहना थोड़ा ज्यादा कठोर हो जाएगा। वह क्वालिटी खिलाड़ी हैं। अगर नंबर्स पर ध्यान दें तो समझ आता है कि वह एक डायमेंशन वाले खिलाड़ी नहीं हैं। फैक्ट यह है कि वह गीयर चेंज करना जानता है। आप पहली और दूसरी पारी में उनके नंबर्स पर ध्यान दीजिए। पहली पारी में उनका स्ट्राइक रेट करीब 125 का होता है और दूसरी पारी में यह 137 का। यह दर्शाता है कि वह गीयर चेंज करना जानते हैं।’

‘बाबर फेल हो गए, तो पूरी टीम फेल हो जाएगी’

'Babar Azam फेल हो गए, तो पूरी टीम फेल हो जाएगी'
‘Babar Azam फेल हो गए, तो पूरी टीम फेल हो जाएगी’

बता दें बाबर आज़म (Babar Azam) की बल्लेबाज़ी को लेकर रोहन का मानना है कि वो क्रीच पर टिकने के लिए टुक-टुक पारी खेलते है। ऐसे में उन्हें अपने फेल होने से डर लगता है। वहीं रोहन ने कहा कि अगर बाबर फेल हो जाएंगे, तो पूरी टीम की बल्लेबाजी भी फेल हो जाएंगी। उन्होंने साथ ही कहा,

“मुझे लगता है कि यह बाबर आजम के दिमाग की सोच बन गई है. उनको अपने फेल होने का डर है. मैं ऐसा कह रहा हूं तो इससे मतलब उनके बतौर बल्लेबाज फेल होने से नहीं है. हो सकता है कि मैं शायद गलत भी हूं लेकिन बाबर को ऐसा लगता है कि पाकिस्तान की पूरी बल्लेबाजी उनके ही इर्द गिर्द घूमती है. तो जब वह पहले बल्लेबाजी करने उतरते हैं तो लंब वक्त तक मैदान पर टिके रहना चाहते हैं क्योंकि उनको ऐसा लगता है कि वह फेल हो गए तो शायद उनके टीम की बल्लेबाजी फेल हो जाएगी. जब ऐसा कुछ होता है तो फिर एक खिलाड़ी के तौर पर आपको ज्यादा मुश्किल आती है.”