बीसीसीआई का बड़ा फैसला, भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट को इस सीजन किया रद्द 1

10 जनवरी 2021 से शुरु हुई सैयद मुश्ताक़ अली टी20 ट्रॉफ़ी के साथ ही भारतीय क्रिकेट में घरेलू सत्र की शुरुआत हो चुकी है. इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि अब भारत में घरेलू क्रिकेट एक रफ़्तार पकड़ेगा और बाकी बड़े घरेलू टूर्नामेंट्स भी जल्द ही खेले जाएंगे.

इसी सिलसिले में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बड़ा फ़ैसला लिया है. सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी ने भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े फ़र्स्ट-क्लास टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफ़ी और विजय हजारे ट्रॉफ़ी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है.

इस साल नहीं खेली जाएगी रणजी ट्रॉफ़ी

भारतीय घरेलू क्रिकेट

ताज़ा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई इस साल रणजी ट्रॉफ़ी टूर्नामेंट का आयोजन नहीं करेगी. भारत की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का रास्ता तलाशने वाले युवा क्रिकेटर्स के लिए रणजी ट्रॉफ़ी क्रिकेट के लंबे फ़ॉर्मेट का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट है.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये फ़ैसला रविवार को हुई बीसीसीआई की उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया है. पिछले साल यू.ए.ई में आईपीएल और इस साल भारत में सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी का आयोजन कराने के लिए बीसीसीआई ने काफ़ी बेहतरीन प्रयास किए और बीसीसीआई का प्रयास सफ़ल रहा.

रणजी ट्रॉफ़ी के दौरान बायोबबल सुरक्षा है पेचीदा मसला

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रणजी ट्रॉफ़ी को लेकर बीसीसीआई का ये फ़ैसला इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि आईपीएल और सैयद मुश्ताक़ अली, दोनों ही टूर्नामेंट का फ़ॉर्मेट टी20 है. जबकि रणजी ट्रॉफ़ी एक टेस्ट फ़ॉर्मेट का टूर्नामेंट है. इस लिहाज़ से रणजी ट्रॉफ़ी के दौरान बायोबबल सुरक्षा को सुनिश्चित करना एक बेहद ही पेचीदा काम है.

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने रणजी ट्रॉफ़ी आयोजित करने की इच्छा तो ज़ाहिर की लेकिन कोविड़ महामारी के दौरान ये आयोजन उतना व्यावहारिक फ़ैसला नज़र नहीं आता. बीसीसीआई के करीबी सूत्रों का कहना है कि रणजी ट्रॉफ़ी के दौरान इतने लंबे समय तक 38 टीमों के लिए बायोबबल सिक्योरिटी को सुनिश्चित करना काफ़ी मुश्किल काम है.

इस फ़ैसले में हमें व्यावहारिक होना पड़ेगा – बीसीसीआई

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एक अंग्रेजी अखबार में इस मसले पर बीसीसीआई के हवाले से कहा गया कि,

“इस मसले पर हमें थोड़ा व्यावहारिक होना चाहिए. आपको ये मानना होगा कि महामारी अभी कहीं नहीं गई है. वो अभी भी बरकरार है और अभी भी इस से लोगों की जान जा रही है. 38 फ़र्स्ट-क्लास टीम हैं और उस स्तर की बायोबबल सुरक्षा सुनिश्चित करना स्वाभाविक तौर पर एक असंभव है.”

वहीं इसके अलावा बीसीसीआई ने विजय हजारे ट्रॉफ़ी के आयोजन को हरी झंडी दे दी है. इसके अलावा इस साल बीसीसीआई के कैलेंडर में एक महिला घरेलू टूर्नामेंट का आयोजन भी संभव माना जा रहा है.