आलोचना के बाद बीसीसीआई ने बताई वजह, आखिर क्यों अब तक नहीं मिल सका रणजी खिलाड़ियों को मुआवजा 1

क्रिकेट जगत का सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल बोर्ड इन दिनों अपने खिलाड़ियों को पैसा नहीं दे पाने को लेकर चर्चा में है। बीसीसीआई पर हाल में कई ऐसी बातों का सामना करना पड़ा है, जिसमें उनके द्वारा अपनी महिला टीम के खिलाड़ियों के साथ ही घरेलू क्रिकेटरों को पूरा पैसा ना दिए गए हैं।

बीसीसीआई के द्वारा पैसा समय पर नहीं देने की बात ने पकड़ा तूल

इस सेशन में रणजी ट्रॉफी नहीं खेली जा सकी। ऐसे में बीसीसीआई की तरफ से रणजी खिलाड़ियों को इसका मुआवजा देने की बात की गई थी। बीसीसीआई की तरफ से ये मुआवजा अब तक नहीं मिल सका है।

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ये तमाम बाते हाल ही में लंदन के एक अखबार टेलीग्राफ में छपी खबर के बात होने लगी है। उस अखबार में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को 2020 के फाइनल में पहुंचने पर ईनामी राशि की घोषणा के बाद अब तक नहीं चुकाने की बात कही गई थी। हालांकि बीसीसीआई ने इसी हफ्ते इस इनामी राशि को देने की बात कही है।

बीसीसीआई ने बताया क्यों नहीं मिला है रणजी खिलाड़ियों को मुआवजा

इसी बीच रणजी क्रिकेट में भी  मुआवजा देने की बात करने के बाद अब तक ना देने की खबर भी उठने लगी है। जिसे लेकर अब बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष और एक सीनियर अधिकारी को सामने आकर इस पर सफाई देनी पड़ी है। जिसमें उन्होंने साफ किया है कि राज्य क्रिकेट संघ से चर्चा के बाद ही इस मुआवजे को दिया जा सकता है।

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बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने मुआवजा अब तक ना दे पाने का कारण बताते हुए कहा कि

“हमें राज्यों से चर्चा करनी होगी क्योंकि उन्हें ही हमें बताना होगा कि कौन से खिलाड़ी खेलते और कितने मैच खेलते और कौन रिजर्व खिलाड़ी होते. किसी भी राज्य ने मुआवजे पैकेज के लिये कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है।”

सभी खिलाड़ी को नहीं दी जा सकती समान राशि

बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने इसे लेकर एक बयान में कहा कि

“कोषाध्यक्ष सही हैं। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन ये कैसे निर्धारित करोगे कि कौन सा खिलाड़ी सत्र में आठ या 10 मैच खेलता? रिजर्व खिलाड़ियों को आधी राशि मिलेगी, तो आप इसकी गणना कैसे करोगे?”

BCCI

“आप प्रत्येक खिलाड़ी को एक समान राशि नहीं दे सकते। राज्यों को  एकमुश्त राशि देना एक विकल्प है, लेकिन आप राज्यों पर निगरानी कैसे रखोगे?”