BCCI

इस साल जुलाई के महीने में भारतीय टीम श्रीलंका का दौरा करेगी जहां वो 3 टी-20 और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेलेगी. 13 से 27 जुलाई तक होने वाले इस दौरे के लिए BCCI ने टीम इंडिया की बी टीम भेजने का फैसला किया है. अगस्त से टीम इंडिया की सीनियर टीम को इंग्लैंड के खिलाड़ टेस्ट सीरीज खेलनी है.

इस बात को ध्यान में रहते हुए BCCI ने सीनियर खिलाड़ियों को इस दौरे से अलग रखा है. BCCI के इस फैसले पर सवाल इस लिए उठ रहे हैं क्योकि उसने इंग्लैंड दौरे पर जो टीम भेजने का फैसला किया है उसमे कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें नहीं भेजना चाहिए था.

जब BCCI ने श्रीलंका दौरे  की प्लानिंग पहले से ही कर ली थी तो फिर उसे टीम का चयन करने में थोड़ा गंभीरता से सोचना चाहिए था. इसी मसले को लेकर हम इस आर्टिकल में बीसीसीआई के इस फ़ैसले पर चर्चा करेंगे

फिर सवालों के घेरे मे आई BCCI

BCCI के लिए गले की फ़ाँस बना ये सवाल, तय था श्रीलंका दौरा तो इंग्लैंड के लिए क्यों चुने ये खिलाड़ी?? 1

इंग्लैंड दौरे और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर जो टीम का सेलेक्शन हुआ उसे लेकर बीसीसीआई (BCCI) पहले ही सवालों के घेरे में है. अब श्रीलंका दौर को लेकर भी बोर्ड पर सवाल उठ रहे हैं. दरअसल इस दौरे पर बोर्ड ने बी टीम भेजने का फैसला किया है लेकिन इस टीम में उन खिलाड़ियों को चुना जाना चाहिए था जो श्रीलंका दौरे के वक्त सीनियर टीम के साथ इंग्लैंड में होंगे.

हम बात कर रहे हैं केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ियों की जिनके सीनियर टीम में चयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ऐसा नहीं है कि ये तीनों खिलाड़ी सीनियर टीम में जगह बनाने के हकदार नही हैं. दरअसल बात ये हैं कि इन तीनों ही खिलाड़ियों को इंग्लैंड पर दौरे पर प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की उम्मीद बहुत कम ही है. चोट के बाद कई सीनियर खिलाड़ियों की टीम इंडिया में वापसी हुई है ऐसे में अगर इन खिलाड़ियों को इंग्लैंड भेजने के बजाए श्रीलंका भेजा ज्यादा तो ज्यादा बेहतर होता.

इस वजह से BCCI पर उठ रहे हैं सवाल

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इंग्लैंड दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम की अगर प्लेइंग इलेवन की बात करें तो 6 बल्लेबाजों के बाद रविंद्र जडेजा और आर अश्विन ऑलराउंडर की भूमिका निभाएंगे. ऐसे में वॉशिंगटन सुंदर को अंतिम 11 में जगह मिलने की उम्मीद बेहद कम ही रहेगी. वहीं बात अगर शार्दुल ठाकुर की करें तो इंग्लैंड में उनको भी कम ही मौके मिलने की उम्मीद है.

भारतीय टीम के पास इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के तौर पर तेज गेंदबाजों की तिकड़ी पहले से ही मौजूद है. ये सभी को पता है कि ऑस्ट्रेलिया में जब ठाकुर को खेलने का मौका मिला था तब इशांत और बुमराह चोटिल थे.

क्या प्लानिंग की कमी से जूझ रहा है बीसीसीआई का थिंक टैंक

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इन दोनों खिलाड़ियों के बाद अगर बात केएल राहुल (KL Rahul) की हो तो उनको भी इंग्लैंड टूर पर ज्यादा समय तक बाहर ही बैठना पड़ सकता है. राहुल के साथ पहले भी विदेशी दौरो पर ऐसा हो चुका है. टीम शुभमन गिल या मयंक अग्रवाल को हमेशा ही उनके ऊपर प्राथमिकता देती नजर आई है.

बेहतर होता कि ये खिलाड़ी ज्यादातर समय बेंच में बैठने के बजाय श्रीलंका दौरे पर अपने बल्ले से जौहर दिखाते मगर BCCI के चलते अब ये संभव नहीं है. BCCI को इस चीज़ को बिल्कुल भी नहीं भूलना चाहिए कि आगामी टी-20 विश्वकप को देखते हुए इन खिलाड़ियों को जितने ज्यादा मौके दिए जाएं उतना ही अच्छा है.

सीनियर खिलाड़ियों का मनोबल तोड़ रहा है बोर्ड

BCCI के लिए गले की फ़ाँस बना ये सवाल, तय था श्रीलंका दौरा तो इंग्लैंड के लिए क्यों चुने ये खिलाड़ी?? 3

इस बात में कोई दो राय नहीं कि ज्यादा समय तक बेंच में बैठने से खिलाड़ियों का मनोबल टूट सकता है. केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के केस में भी ऐसा हो सकता है. अगर BCCI ने पहले ही श्रीलंका दौरे का प्लान कर रखा था तो क्या जरूरत थी इन खिलाड़ियों का इग्लैंड दौर पर चयन करने की. वाकई में BCCI का ये फैसला समझ से परे है.

सबसे दिलचस्प बाते ये हैं कि जिन खिलाड़ियों को इंग्लैंड दौरे पर जगह मिलनी चाहिए थी उनकी पूरी तरह से अनदेखी की गई. भुवनेश्वर कुमार इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं. यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि जिस खिलाड़ी का इंग्लैंड की धरती पर रिकॉर्ड इतना शानदार है उसे टीम से कैसे बाहर रखा जा सकता है. भुवनेश्वर कुमार के अनफिट होने की बात कही जा रही थी जबकि श्रीलंका दौरे पर जाने वाली बी टीम में उनका नाम है.