विराट कोहली

पूर्व भारतीय सीनियर कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के लेने के बाद टीम की कमान विराट कोहली को सौंपी गई थी. बेशक कप्तानी के दौरान विराट का रिकॉर्ड काफ़ी अच्छा रहा लेकिन कई चीज़ें ऐसी भी हैं जो इस ओर इशारा करती हैं कि विराट को अब कप्तानी छोड़ कर अपनी बल्लेबाज़ी पर ज़्यादा गौर करना चाहिए.

वन-डे फ़ॉर्मेट की अगर बात करें तो विराट की कप्तानी में टीम ने अभी तक एक भी आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीता है. वहीं टेस्ट में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहतर तो रहा मगर निरंतर नहीं. इसी लिहाज़ अब शायद वो वक़्त आ गया है कि टीम मैनेजमेंट को दोनों फ़ॉर्मेट में कप्तान बदल देना चाहिए.

इस समस्या का हल इसलिए भी आसान हो जाता है क्योंकि टीम के पास दोनों ही फ़ॉर्मेट में विराट से बेहतर कप्तान मौजूद हैं.

अजिंक्य रहाणे (टेस्ट फ़ॉर्मेट)

कप्तान रहाणे

बेशक विराट का नाम टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के सफ़लतम कप्तानों में शुमार किया जा जाता है लेकिन अब शायद वो वक़्त आ गया है कि टीम को नए कप्तान की ज़रूरत है. ये सवाल इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि बीते कुछ समय से विराट के टीम चयन पर भी काफ़ी सवाल उठे हैं.

विराट की जगह इस समय मुंबई के 32 वर्षीय सीनियर बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे कप्तानी की दावेदारी में पहला विकल्प नज़र आते हैं. जिसकी एक बड़ी वजह है टेस्ट की कप्तानी में रहाणे का रिकॉर्ड. उन्होंने अभी तक 4 टेस्ट में भारतीय टीम की कमान संभाली हैं जिनमें उन्होंने 3 टेस्ट जीते हैं.

इसके अलावा चौथा टेस्ट है हाल ही में हुआ वो सिडनी टेस्ट जिसे क्रिकेट के इतिहास में साहसिक बल्लेबाज़ी के साथ खेले गए एक ऐतिहासिक ड्रॉ के रूप में याद रखा जाएगा.

रोहित शर्मा (वन-डे फ़ॉर्मेट)

Rohit sharma

क्रिकेट के लंबे फ़ॉर्मेट के अलावा अगर बात करें सीमित ओवर क्रिकेट की तो इसमें बतौर कप्तान विराट ने कई सीरीज़ काफ़ी बेहतरीन खेली हैं. लेकिन एक सबसें बड़ी कमी जो क्रिकेट फ़ैंस को खलती है वो है आईसीसी का या कोई भी एक बड़ा टूर्नामेंट भारत ने विराट की कप्तानी में नहीं जीता है.

जिसके बाद इस फ़ॉर्मेट में भी टीम को कप्तान बदलने की ज़रूरत महसूस होती है. अगर इस फ़ॉर्मेट में विराट के विकल्प की बात करें तो हिटमैन के नाम से मशहूर सीनियर बल्लेबाज़ रोहित शर्मा का नाम सबसे पहले ज़हन में आता है. रोहित की कप्तानी में भारतीय टीम की कप्तानी की बात करें तो टीम अब तक उनके नेतृत्व में 2 बड़े टूर्नामेंट जीत चुकी है.

इन बड़े टूर्नामेंट्स में 2018 की निदाहस ट्रॉफ़ी और 2018 का ही एशिया कप शामिल है जो भारत ने रोहित कप्तानी में अपने नाम किए.

बतौर बल्लेबाज़ काफ़ी बेहतरीन हैं विराट

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भारतीय टीम मैनेजमेट को अब कप्तान बदलने के बारे में इसलिए भी सोचना चाहिए क्योंकि विराट के बतौर कप्तान लिए  कुछ फ़ैसलों से भारतीय क्रिकेट फ़ैंस अब ज़्यादा खुश नज़र नहीं आ रहे हैं.

एक निश्चित समय के बाद हर टीम को बदलाव के साथ प्रैक्टिकल हो कर आगे बढ़ना चाहिए. जो कि एक वक़्त के बाद परिस्थिति की माँग होती है. बाकी बतौर बल्लेबाज़ तो विराट कोहली की काबिलियत पर कभी भी कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता.

Umesh Sharma

Everything under the sun can be expressed in written form. So, I am practicing the same since the time I hold my consciousness and came to know pen and paper. Apart from being Writer, Journalist or...