जन्मदिन विशेष: जब क्रिकेट छोड़ रिक्शा चलाने पर मजबूर हुए यह दिग्गज

Trending News

Blog Post

एडिटर च्वाइस

जन्मदिन विशेष : जब क्रिकेट छोड़ रिक्शा चलाने पर मजबूर हो गया था यह दिग्गज 

जन्मदिन विशेष : जब क्रिकेट छोड़ रिक्शा चलाने पर मजबूर हो गया था यह दिग्गज

आज पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ियों में से एक मोहम्मद युसूफ का जन्मदिन हैं. मोहम्मद युसूफ का जन्म आज ही के दिन 27 अगस्त, 1974 को पंजाब (लाहौर) में हुआ था. आज युसूफ अपना 44वां जन्मदिवस मना रहे हैं.

आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि मोहम्मद युसूफ का नाम पहले युसूफ योहाना हुआ करता था और वह एक इसाई परिवार से ताल्लुक रखते थे.

2005 में योहाना ने सभी को हैरानी में डालते हुए इस्लाम धर्म काबुल कर लिया और मुस्लिम बन गये. युसुफ के ऐसा करने के बाद उनकी मां ने कहा, कि ”मेरे बेटे ने जो किया हैं, वह गलत हैं और अब मैं उन्हें अपना नाम नहीं देना चाहती.”

90 के दशक के महान खिलाड़ी थे 

photo credit : getty images

मोहम्मद युसूफ पाकिस्तान क्रिकेट टीम और विश्व क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में से रहे. 90 के दशक में मोहम्मद युसूफ की बल्लेबाजी की तूती बोला करती थी. मगर बहुत ही कम लोगो को यह बात शायद ही पता होगी, कि युसूफ का बचपन बहुत ही गरीबी और बेहद कठिनाईयों से गुजरा. एक समय, तो ऐसा भी आया था जब मोहम्मद युसूफ क्रिकेट छोड़ टेलर की दुकान और रिक्शा चलाने के लिए भी मजबूर हो उठे थे.

रेलवे स्टेशन पर काम करते थे पिताजी 

photo by : getty images

जी हाँ ! मोहम्मद युसूफ के पिता रेलवे स्टेशन पर काम किया करते थे और उनका परिवार भी रेलवे के क्वार्टर्स में ही रहता था. बचपन में युसूफ के पास एक बैट खरीदने तक के पैसे नहीं थे, इसलिए वह अपने बड़े भाई के साथ एक लकड़ी के पट्टे से क्रिकेट खेला करते थे. इतना ही नहीं 12 साल की उम्र तक कभी भी मोहम्मद युसूफ ने प्रोफेशनल क्रिकेट भी नहीं खेला.

घर चलाने और सबका पेट भरने के लिए मोहम्मद युसूफ एक टेलर की दुकान पर काम करने लगे. दुकान में काम करने के साथ युसूफ स्लम एरिया में क्रिकेट भी खेला करते थे. उनकी किस्मत सन 1990 में चमकी, जब युसूफ को पहली बार एक क्लब से क्रिकेट खेलना का मौका मिला.

छोड़ा क्रिकेट और चलाई रिक्शा 

photo by : the cricket blog

20 साल की उम्र तक लगातार क्रिकेट खेलने वाले मोहम्मद युसूफ ने अचानक से ही क्रिकेट छोड़ दी और बहावलपुर में रिक्शा चलाने लगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. चार साल के बाद युसूफ एक बार फिर से क्रिकेट की दुनिया में लौट आये. 1998 में युसूफ ने पाकिस्तान के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ युसूफ का डेब्यू कुछ ख़ास नहीं रहा और युसूफ पूरे मैच में मात्र 6 रन ही बना सके, लेकिन अगले छह मैचों में युसूफ ने 44 के औसत के साथ 442 रन बनाकर खुद को साबित कर दिया.

बोर्ड ने लगाया बैन 

10 मार्च, 2010 को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा मों. युसूफ पर अनिश्चित समय के लिए क्रिकेट से बैन कर दिया गया. यह बैन युसूफ के ऊपर ऑस्ट्रेलिया के दौरे के बाद लगा था.

पीसीबी ने अपने एक बयान में कहा, कि ‘युसूफ को अब टीम में मौका नहीं दिया जायेंगा, क्योंकि उन्होंने टीम में अनुशासनहीनता फैलाई हैं.’ बैन के बाद युसूफ ने भी 29, मार्च 2010 को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा कर दी.

जुलाई में पाकिस्तान की टीम ने इंग्लैंड का दौरा किया और पहले ही टेस्ट में टीम को शर्मनाक हार का मुँह देखना पड़ा. इसके बाद बोर्ड के कहने पर युसूफ ने टीम में वापसी की, लेकिन थकान के कारण दूसरा टेस्ट मैच खेलने से मना कर दिया. तीसरे टेस्ट मैच में युसूफ ने टीम में वापसी की और 40 रनों की नाबाद पारी भी खेली. मगर टेस्ट श्रृंखला का अंतिम मैच उनके करियर का आखिरी मैच साबित हुआ.

साल 2006 में मोहम्मद युसूफ ने सभी को अपने लाजवाब बल्लेबाज़ी से  चौंका दिया था. उस साल युसूफ ने 11 टेस्ट मैचों में 9 शतक और तीन अर्द्धशतक जमाए. 99.38 के औसत के साथ युसूफ के बल्ले से कुल 1788 रन निकले थे. आज भी एक क्लंडेर इयर में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड युसूफ के नाम पर ही दर्ज हैं.

करियर पर एक नजर 

photo by : getty images

मोहम्मद युसूफ ने पाकिस्तान के लिए सन 1998 से लेकर 2010 तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला. युसूफ ने पाकिस्तान के लिए 90 टेस्ट, 288 वनडे और तीन टी-20 मैच खेले. इस दौरान उन्होंने क्रमश: 7,530 (टेस्ट), 9,720 (वनडे) और 50 (T20I) रन भी बनाये. मोहम्मद युसूफ ने नाम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 97 अर्द्धशतक और 39 शतक भी दर्ज हैं.

Related posts

Leave a Reply