भारतीय क्रिकेट के काले सच, जिनसे आप अब तक होंगे अनजान

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भारतीय क्रिकेट के काले सच, जिनसे आप अब तक होंगे अनजान 

भारतीय क्रिकेट के काले सच, जिनसे आप अब तक होंगे अनजान

भारतीय क्रिकेट टीम दुनिया की सबसे बेहतरीन क्रिकेट टीम में गिनी जाती है। इसके बावजूद ड्रेसिंग रूम के कई ऐसे सच हैं, जो किसी को नहीं पता हैं। इन घटनाओं के बारे में खिलाड़ी या तो अपने ऑटोबायोग्राफी या फिर संन्यास के बाद किसी इंटरव्यू में खुलासा करते हैं। आज हम आपको ऐसी ही 5 घटनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं।

5. सचिन और राहुल द्रविड़

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर बेहतरीन दोस्त माने जाते हैं। दोनों ने काफी क्रिकेट साथ खेला है। 2004 में सौरव गांगुली की गैरमौजूदगी में राहुल द्रविड़ पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट में कप्तान थे।

सचिन जब 194 पर बल्लेबाजी कर रहे थे, द्रविड़ ने उसी समय पारी घोषित कर दी। इस बारे में खुलासा करते हुए सचिन ने बताया था कि जब वह ड्रेसिंग रूम में पहुँचने तो द्रविड़ से कहा “मुझे अकेला छोड़ दो”। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा था क्योंकि जो हुआ था उससे बाहर निकलने के लिए उन्हें समय चाहिए था।

4. दाउद इब्राहिम

अंडर वर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम मुंबई हमले का दोषी है और भारत सरकार को काफी समय से उसकी तलाश है। वह एक बार भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में खुद को एक बड़ा व्यवसायी बताकर आया था।

उसने टीम के व्यवसायी के रूप में परिचय दिया और 1987 में शारजाह कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच जीतने पर प्रत्येक खिलाड़ी को कार भेंट करने की पेशकश की। इस घटना का खुलासा पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने किया था।

3. अनिल कुंबले को 10 विकेट से रोकना

भारतीय टीम के लेग स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले टेस्ट पारी में 10 विकेट लेने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे गेंदबाज हैं। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 1999 में दिल्ली टेस्ट यह कारनामा किया था। इस मैच में 10 विकेट के रुप में पाकिस्तान के वसीम अकरम और वकार यूनिस पिच पर थे।

वसीम अकरम ने इस मैच के बारे में काफी बाद में खुलासा किया था कि कुंबले के 9 विकेट होने के बाद वकार युनिस ने उनसे रन आउट होने के बारे में बात किया था। हालाँकि, वसीम ने इसके लिए साफ़- साफ़ मना कर दिया। अंत में कुंबले ने अकरम को आउट कर 10 विकेट पूरे किये थे।

2. गांगुली और सिद्धू पर बंदूक तानी

सौरव गांगुली ने 1996 के इंग्लैंड दौरे पर अपना टेस्ट डेब्यू किया था। उन्होंने अपनी किताब बीफीस क्रिकेट टेल्स में खुलास किया था कि लन्दन में उनपर और नवजोत सिंह सिद्धू पर उस दौरे में बंदूक तान दी गयी थी। वहां ट्रेन में किसी ने गांगुली को बियर की बोतल से मार दिया।

ऐसा होते देखकर नवजोत सिंह सिद्धू उन लड़कों से उलझ गये। इसके बाद बात काफी बढ़ गयी और सामने वालों ने बंदूक तान दी। गांगुली ने लड़के को धक्का देकर वहां से भागना ही बेहतर समझा। गांगुली ने अपनी किताब में लिखा कि बंदूक देखकर एक पल के लिए उन्हें ऐसा लगा कि आज इसी ट्रेन में उनकी जिंदगी समाप्त हो जाएगी।

1. कपिल देव का रोना

भारतीय टीम के कई खिलाड़ियों का नाम साल 2000 में मैच फिक्सिंग में आया था। इसमें मनोज प्रभाकर, मोहम्मद अजहररुद्दीन और अजय जडेजा का नाम आया था। इस खिलाड़ियों पर बीसीसीआई ने आजीवन बैन लगाने का फैसला किया था।

इसमें उस समय के कोच कपिल देव का नाम भी घसीटा गया था। इसपर कपिल देव ने रोते हुए कहा था कि मैं किसी से रिश्वत लेने के बजाय उससे पहले आत्महत्या कर लूंगा। मेरे सारे पैसे ले लो, मैं यह नहीं चाहता। मैं ऐसे परिवार से आता हूं जहां गर्व सबसे महत्वपूर्ण चीज है।

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