कप्तानो को धोनी द्वारा विश्वकप 2011 में अपनाई गई रणनीति को अपनाना चाहिए: स्टीफन फ्लेमिंग बोले

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने भारतीय टीम का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि कप्तानो को धोनी द्वारा 2011 विश्वकप में अपनाई गई रणनीति को अपनाना चाहिए, कप्तान धोनी का उदाहरण देते हुए उन्होंने ये भी कहा कि धोनी ने विश्वकप फाइनल में अच्छे कौशल का प्रदर्शन किया था ।

मुंबई में श्रीलंका के खिलाफ 2011 विश्वकप में एक चुनौतीपूर्ण टोटल का पीछा करते हुए धोनी ने  प्रतिस्पर्धी क्रिक्केट खेल कर आलराउंडर कि भूमिका निभाई थी ।

पिछली बातो को याद करते हुए बाये हाथ के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि, इंडियन प्रीमियर लीग में जब मै चेन्नई सुपर किंग्स कि ओर से खेल राह था तब धोनी ने मुझसे कहा कि मेरा यह फैसला स्वभाविक है,  संदेह से टीम में अराजकता पैदा होती है, यह वक्त उनके आगे बढ़कर अगुआई करने का है । सकारात्मकता और निश्चितता टीम को प्रेरित करती है, जबकि संदेह से खिलाड़ी माध्यम और पक्षघाती हो जाते है । अपना अनुभव बताते हुए फ्लेमिंग ने निष्कर्ष निकला कि, ‘’ विश्वकप में मैच बहुत तेज गति से होते है, जीतने का आत्मविश्वास होना महत्वपूर्ण है, इसे यद् रखना होगा । ‘’

आशा है इस बार भी शांत स्वभव वाले धोनी विश्वकप में उसी तरह कामयाबी के साथ अपनी टीम कि अगुआई करेंगे । इस बार यह भारतीय क्रिकेट और महेंद्र सिंह धोनी कि प्रतिष्ठा का सवाल भी है । हम अच्छे कि उम्मीद करते हैं।

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