खाने को नहीं थे पैसे, गरीबी में काटा बचपन, कारपेंटर की बेटी ने अफ्रीका में भारत की शान बढ़ाते हुए दिलाई जीत 1

Amanjot Kaur : भारतीय महिला क्रिकेट टीम इन दिनों साउथ अफ्रीका के दौरे पर ट्राई सीरीज खेल रही है। हरनप्रीत कौर टीम की अगुवाई कर रही हैं।टीम इंडिया पहले ही मैच में मेजबान साउथ अफ्रीका को 27 रनों से हराकर सीरीज की शानदार शुरुआत की है। इस मैच में डेब्यू कर रहीं ऑल राउंडर अमनजोत कौर (Amanjot Kaur), ने 30 गेंदों पर 41 रनों की नाबाद पारी खेली अपने डेब्यू मैच में ही छा गई हैं।

अपनी इस शानदार परफॉरमेंस के चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी दिया गया है।  आइए आपको बताते हैं भारत की इस युवा खिलाड़ी के जीवन जो कि कहानी बड़ी प्रेरणादायक है।

क्रिकेटर बनाने के लिए पिता ने की जी तोड़ मेहनत

Carpenter's daughter carves out success story, makes it to India senior women's cricket team - Hindustan Times

टीम इंडिया में पहुँचने तक सफर Amanjot Kaur के लिए आसान नहीं रहा है।एक माध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली अमनजोत की कहानी बड़ी ही मार्मिक है।

अमनजोत के पिता का नाम भूपिंदर है, जो पेशे से एक कारपेंटर हैं।मिडिल क्लास फैमिली में होने के बाद भी अमानजोत (Amanjot Kaur ) के पिता ने  उनके लिए खूब जी तोड़ मेहनत करके उन का क्रिकेट एकेडमी में एडमिशन कराया

अमानजोत के पिता ने अपनी बेटी के सपनों की खातिर कई परेशानियाँ उठाईं। तक बेटी को अच्छी क्रिकेट की कोचिंग दिलाने के लिए उन्होंने अपना शहर बदला। ।

चंडीगढ़ आने के बाद अमनजोत को अच्छी ट्रेनिंग मिली और वहाँ से उनके क्रिकेट में खूब सुधार भी हुआ। इसी के चलते उन्हें भारतीय टीम में आने का मौका भी मिला। अमनजोत की सफलता में उनकी  मेहनत के अलावा उनके पिता की भी कड़ी मेहनत है। तभी आज वो क्रिकेट में अपना और अपने पिता का नाम रौशन कर रही हैं।

लड़कों के साथ खेल खेल के सीखी क्रिकेट 

भारतीय ओपनर शेफाली वर्मा की कहानी से कुछ मिलती जुलती है अमनजोत की कहानी। जैसे अपने शुरुआती दौर में शेफाली लड़कों के साथ क्रिकेट खेलतीं थीं, उसी तरह अमानजोत भी शुरुआत में लड़कों के साथ ही क्रिकेट खेलती थी।  वह गली में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती थी और फिर स्कूल में भी बॉयज टीम का हिस्सा भी रहीं थी।

पहले ही मैच में जीता अवॉर्ड

साउथ अफ्रीका के खिलाफ ईस्ट लंदन में खेले गए पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीकी टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया।पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय महिला टीम की शुरुआत खराब रही। कप्तान स्मृति मंधाना मात्र 7 रन बनाकर आउट हो गईं।

एक-एक करके सभी बल्लेबाज आउट होते रहे। 7 वें नंबर बल्लेबाजी करने आई अमनजोत कौर (Amanjot Kaur) ने दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर 6वें विकेट के लिए 76 रनों की साझेदारी की और टीम के स्कोर को 147 तक पहुंचाया गेनबाजी में उन्होंने एक ओवर फेंका, जिसमें बिना विकेट लिए  6 रन दिए। अपनी शानदार परफॉरमेंस के चलते अमनजोत कौर प्लेयर ऑफ द मैच भी दिया गया।