भारत-ऑस्ट्रेलिया

मैन ऑफ़ द मैच युजवेंद्र चहल के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत पहले टी20 मैच में ऑस्ट्रेलिया को 11 रन से हराने में सफ़ल रहा. इस जीत के बाद तीन मैचों की सीरीज़ में भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर 1-0 की बढ़त बना ली है. अब अगर ऑस्ट्रेलिया को टी20 सीरीज़ में अपनी उम्मीदें ज़िंदा रखनी हैं तो उन्हें हर हाल में दूसरे मैच में भारतीय टीम को हराना होगा.

मानसिक तौर पर फ़िट था मैं – युजवेंद्र चहल

युजवेंद्र चहल

4 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट लेने वाले युजवेंद्र चहल को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया. मैन ऑफ़ द मैच  मिलने के बाद पोस्ट मैच प्रेज़ेंटेशन में बोलते हुए युजवेंद्र चहल ने कहा कि,

“मैंने काफ़ी मैच खेले हैं और आज के मैच में भी मैं मानसिक तौर पर  पूरी तरह फ़िट था. ऑस्ट्रेलिया की पारी के शुरु होने से 10-15 मिनट पहले ही मुझे ये पता चला कि मैं खेलने वाला हूं. मैंने भी ज़ाम्पा की तरह ही गेंदबाज़ी करने की कोशिश की. पहली पारी में रन बनाना हमारे बल्लेबाज़ों के लिए वाकई में एक मुश्किल काम था. कैनबरा की जिस तरह की विकेट है, उस पर 150-160 रन का स्कोर बचाने के लिए काफ़ी होता है. मैंने बस अपनी योजनाओं पर अमल करते हुए बॉलिंग की, बाकी नतीज़ा आप सबके सामने है.”

रिप्लेसमेंट को लेकर हुआ विवाद

AUSvsIND: मैन ऑफ़ द मैच युजवेंद्र चहल ने बताया किस रणनीति के साथ मैच में की थी गेंदबाजी 1

रविंद्र जडेजा को चोट लगने के बाद जब चहल को उनके सब्सटीट्यूट के तौर पर उतारने का फ़ैसला लिया गया तो उसको लेकर मैदान पर काफ़ी विवाद भी हुआ. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान आरोन फ़िंच और जस्टिन लैंगर ने चहल से गेंदबाज़ी कराए जाने के फ़ैसले को लेकर मैच रेफ़री डेविड बून के सामने अपना विरोध भी दर्ज कराया.

इस मैच मसले को लेकर मैच रेफ़री और कंगारू कप्तान व कोच के बीच काफ़ी देर बहस भी हुई. जिस तरह से जडेजा की जगह चहल को लाया गया और उनसे गेंदबाज़ी भी कराई गई, इसको लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स और क्रिकेट प्रशंसकों में एक नया विमर्श छिड़ चुका है.

दूसरे मैच में जडेजा का विकल्प

AUSvsIND: मैन ऑफ़ द मैच युजवेंद्र चहल ने बताया किस रणनीति के साथ मैच में की थी गेंदबाजी 2

इस मैच में तो चहल ने तीन विकेट लेकर भारत को मैच जिता दिया है. लेकिन इसके बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट के सामने एक सवाल और खड़ा हो गया है कि दूसरे मैच में इस समस्या का क्या हल निकाला जाएगा. ये सवाल इसलिए भी लाज़िमी हो जाता है क्योंकि जहां तक बात खिलाड़ी के तौर पर चहल और जडेजा की तुलना की है तो ये अंतर ज़मीन-आसमान का हो जाता है. जडेजा ने गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी, दोनों ही विभागों में जडेजा का शानदार प्रदर्शन रहा है वहीं चहल सिर्फ़ गेंदबाज़ी में ही अपना योगदान  दे सकते हैं.