एमएसके प्रसाद

भारतीय टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद का कार्यकाल अब खत्म हो गया है. उनकी जगह अब सुनील जोशी ने ले लिया है. कार्यकाल के खत्म होने के बाद अब उन्होंने एक बड़ा इंटरव्यू दिया है. जहाँ पर पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने अपने कार्यकाल के दौरान सबसे बड़े अफ़सोस के बारें में भी बताया है.

पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने बताया क्या रहा अफ़सोस

पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद

संदीप पाटिल के बाद भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता बने दक्षिण के एमएसके प्रसाद का अब जाकर कार्यकाल खत्म हो गया. पिछले 3 साल के करियर के बारें में बात करते हुए हिंदुस्तान टाइम्स को एक इंटरव्यू दिया. अपने करियर के सबसे बड़े अफ़सोस के बारें में बात करते हुए पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा कि

” मेरे करियर का सबसे बड़ा अफ़सोस दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज का ना जीत पाना रहा. वहां पर हम सीरीज जीतने के करीब खड़ें थे लेकिन उसे कर नहीं पायें. हम निश्चित रूप से उन दो सीरीज को जीत सकते थे. हमने केप टाउन, एजबेस्टन और साउथम्पटन में उन महत्वपूर्ण पलों का फायदा नहीं उठाया. अगर हमने वो टेस्ट सीरीज जीत ली होती, तो इससे मुझे चयनकर्ता के रूप में और ज्यादा संतुष्टि मिलती.”

विश्व कप में हार पर बोले पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद

एमएसके प्रसाद

पिछले साल इंग्लैंड में खेले गये विश्व कप के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने के बाद अब सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गये. उस विश्व कप में मिली हार के बारें में बोलते हुए भारतीय टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा कि

” 2019 विश्व कप में सेमीफ़ाइनल तक हमने बहुत ही शानदार प्रदर्शन करके खुद को साबित किया था. लेकिन सेमीफ़ाइनल मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक सत्र में ख़राब खेलने के बाद हम विश्व कप से बाहर हो गये.”

एमएसके प्रसाद ने महेंद्र सिंह धोनी और उसके बाद अगले कप्तान विराट कोहली के साथ भी काम किया. उन दोनों के कप्तानी पर भी उन्होंने बड़ा बयान दिया.

धोनी और विराट पर बोले एमएसके प्रसाद

एमएसके प्रसाद ने बताया आखिर क्या रहा उनके कार्यकाल में उनके लिए सबसे बड़ा अफ़सोस 1

दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी और मौजूदा कप्तान विराट कोहली के बारें में बोलते हुए एमएसके प्रसाद ने कहा कि

” मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है की मेरे साथ चयनसमिति में काम करने वाले मेरे साथी इस बात पर गर्व कर सकते हैं की महेंद्र सिंह धोनी के जाने के बाद विराट कोहली के कप्तानी के बीच हमने अच्छे से टीम को सँभालने का सफल प्रयास भी किया है.”