क्रिस वोक्स ने बताई वो योजना, जिसके चलते ऑस्ट्रेलिया से जीतने में कामयाब रहा इंग्लैंड

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AUS vs ENG, 2nd Semi-Final : ‘मैन ऑफ़ द मैच’ क्रिस वोक्स ने बताई वो योजना, जिसके चलते ऑस्ट्रेलिया से जीतने में कामयाब रहा इंग्लैंड 

AUS vs ENG, 2nd Semi-Final : ‘मैन ऑफ़ द मैच’ क्रिस वोक्स ने बताई वो योजना, जिसके चलते ऑस्ट्रेलिया से जीतने में कामयाब रहा इंग्लैंड

स्टार तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की शानदार गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड की टीम ने ऑस्ट्रेलिया की टीम को विश्व कप 2019 के दूसरे सेमीफाइनल में 8 विकेट के अंतर से हरा दिया है. क्रिस वोक्स की शानदार गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड की टीम ने लॉर्ड्स में 14 जुलाई को खेले जाने वाले फाइनल में भी अपनी जगह बना ली है.

शानदार गेंदबाजी के लिए क्रिस वोक्स को मिला ‘मैन ऑफ़ द मैच’

शानदार तेज गेंदबाजी के लिए क्रिस वोक्स को ‘मैन ऑफ़ द मैच’ के ख़िताब से नवाजा गया है. उन्होंने अपनी टीम के लिए 8 ओवर में मात्र 20 रन देकर कुल 3 विकेट हासिल किये. उन्होंने डेविड वार्नर, पीटर हैंड्सकॉम्ब और मिचेल स्टार्क का विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजी की कमर ही तोड़ दी थी.

जीत हमारी पूरी टीम के बहुत शानदार प्रदर्शन से मिली

‘मैन ऑफ़ द मैच’ लेते हुए क्रिस वोक्स ने अपनी पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा, ”यह जीत हमारी पूरी टीम के बहुत शानदार प्रदर्शन से मिली है. हमने गेंदबाजी में अच्छी शुरुआत की, और ऑस्ट्रेलिया पर दबाव पर बनाये रखा. सुबह के समय हम थोड़ा घबराए हुए थे और शायद इतने बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में ऐसा होना स्वाभाविक है.”

हमने सिर्फ गेंद को सही लंबाई पर रखा

क्रिस वोक्स ने अपनी पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में आगे कहा, “जिस तरह से हमने प्रदर्शन किया है, उससे पता चलता है, कि हम एक टीम के रूप में कितने अच्छे हैं. मुझे नहीं लगता था कि यह किसी भी तरह से खराब विकेट था. हमने सिर्फ गेंद को सही लंबाई पर रखा और इसी का हमें फायदा मिला है. 

जब आप जल्दी विकेट लेते हैं, तो विपक्षी टीम को पुनर्निर्माण करना पड़ता है और इसी का फायदा उठाकर हमें ऑस्ट्रेलिया पर पूरी पारी में दबाव बनाए रखा.

हम लॉर्ड्स में भी ऑस्ट्रेलिया से खेले थे, लेकिन वहां हम कामयाब नहीं हुए थे. शायद वहां हम सही लंबाई से गेंद नहीं कर रहे थे. हमे वहां फुल लेंथ की बॉल करने की जरुरत थी. हम दो मैच जीतकर अच्छे फॉर्म के साथ नॉकआउट चरण में आए. हमने भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ दो अच्छे मैच खेले और उन्हें जीत कर आगे बढ़े थे.”

फाइनल में पहुंचकर काफी ख़ुशी महसूस हो रही

1992 के बाद पहली बार इंग्लैंड के फाइनल में पहुंचने को लेकर क्रिस वोक्स ने कहा, “जब हम अंतिम बार 1992 के फाइनल में पहुंचे थे, तब मैं सिर्फ तीन साल का था, यह बहुत समय पहले था, इसलिए आज फाइनल में पहुंचकर काफी ख़ुशी महसूस हो रही है. 

हमारे पास ट्रॉफी उठाने का अपना सपना पूरा करने के लिए एक मैच और है. यह भी हमारे लिए काफी गर्व की बात है, कि हम इस टूर्नामेंट के पसंदीदा है. दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मैदान में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल जीतना एक अविश्वसनीय अहसास है.”

 

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