ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में हुआ ऐसा काम कि बीसीसीआई को भी उठाना चाहिए ये बड़ा कदम | Sportzwiki Hindi

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में हुआ ऐसा काम कि बीसीसीआई को भी उठाना चाहिए ये बड़ा कदम 

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में हुआ ऐसा काम कि बीसीसीआई को भी उठाना चाहिए ये बड़ा कदम

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में हाल में ही कुछ ऐसा हुआ, जो तक क्रिकेट में कभी भी नही हुआ. ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में एक महिला ने अंपायर की भूमिका अदा की. ऑस्ट्रेलिया की क्लेयर पोलोसक ने हाल ही ऑस्ट्रेलिया की घरेलू क्रिकेट में मैदानी अंपायर की भूमिका अदा की. ऐसे पहला बार हुआ है जब की महिला अंपायर पुरुषों क्रिकेट में मैदानी अंपायर की भूमिका अदा की हैं.

आप को बता दे कि एलेनी ग्लौफसिस ने हाल में ही ऑस्ट्रलियन फुटबॉल के पुरुषों के बीच हुए मैच मैदानी अंपायर की भूमिका अदा की थी. 

बनाया एक अनोखा रिकॉर्ड 

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में हुआ ऐसा काम कि बीसीसीआई को भी उठाना चाहिए ये बड़ा कदम 1

उनसे पहले कैथी क्रॉस (न्यूजीलैंड), जैकलिन विलियम्स (वेस्ट इंडीज) और सुड रेडफ़र्न (इंग्लैंड) भी घरेलू क्रिकेट में मैदानी  अंपायर की भूमिका अदा कर चुकी हैं. अब इसी कड़ी में क्लेयर पोलोसक कानाम भी जुड़ गया हैं. 

नर्वस होने से फायदा मिलता है 

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में हुआ ऐसा काम कि बीसीसीआई को भी उठाना चाहिए ये बड़ा कदम 2

मैच से पहले बात करते हुए उन्होंने कहा की मैच से पहले मैं थोड़ा नर्वस थी. अगर आप नर्वस नही होते है तो आप उस चीज़ के लिए ज्यादा परवाह नही करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि मैं आने वाले समय को लेकर काफी ज्यादा उत्साहित हैं.

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में हुआ ऐसा काम कि बीसीसीआई को भी उठाना चाहिए ये बड़ा कदम 3

उन्होंने आगे कहा कि मुझे चैलेज पसंद हैं. मैदान पर जाने के बाद मेरे काम गेंद को देखना हैं. जब मैदान पर जाते है तो कैमरामैन और साथी अंपायर आप के साथ लगातर बात करते हैं. ये बेहद उत्साहित करने वाला लम्हा होता हैं.

घर वालों की वजह से हूँ यहाँ 

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट में हुआ ऐसा काम कि बीसीसीआई को भी उठाना चाहिए ये बड़ा कदम 4

उन्होंने अपन सफ़र के बारें में बात करते हुए कहा कि मैंने कभी भी क्रिकेट नही खेला हैं,लेकिन मुझे क्रिकेट हमेशा से ही पसंद रहा हैं. मेरे परिवार के वजह से ही मैं अंपायरिंग कर पा रही हूँ.

उन्होंने मुझे अंपायरिंग के लिए आगे बढाया हैं. मेरे पिता जी मुझे हमेशा से गौलबर्न ले जाते थे, जहाँ पर मैं अंपायरिंग का कोर्स कर रही थी. मुझे ये कोर्स करने में थोडा समय जरुर लगा, लेकिन मैं इससे करना चाहती थी. इस कोर्स के दौरान मैं सिर्फ अपने ग्रेड की तरफ ध्यान दे रहा था.

Related posts

Leave a Reply