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आईपीएल खत्म होने के बाद अब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है. जहाँ पर पहले वनडे मैच में भारतीय टीम हार गयी. अब टेस्ट सीरीज को लेकर डर भी सामने आ रहा है. जिसको लेकर अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने बड़ा बयान देते हुए कप्तान विराट कोहली की जमकर तारीफ की हैं.

विराट बेशक दुनिया के सर्वश्रेष्ट खिलाड़ी

ऑस्ट्रेलिया

माइकल क्लार्क ने विराट को दुनिया का सर्वश्रेष्ट बताते हुए कहा कि,

” टेस्ट सीरीज़ शुरु होने से पहले भारतीय टीम को अपने खाते में कुछ जीत रखना बेहद ज़रूरी है. जीत इसलिए भी अहम हो जाती है कि सीमित ओवरों की सीरीज़ में प्रदर्शन का असर पाँच दिन तक चलने वाले टेस्ट मैच में साफ़ तौर पर पड़ेगा. एडिलेड टेस्ट के बाद विराट का दौरे की बीच से लौटना भारतीय टीम के लिए एक बड़ा झटका होगा. इस सब के बाद अगर भारतीय टीम को ये आत्मविश्वास हासिल करना है कि विराट की गैर मौजूदगी में भी टीम बेहतर खेल कर जीत सकती है, तो उन्हें टी20 और वन-डे सीरीज़ में कुछ मैज जीतना बहुत बड़ी अहमियत रखता है.”

भारतीय टीम को खेल में करना होगा सुधार

माइकल क्लार्क ने टेस्ट सीरीज को लेकर दिया बड़ा बयान, जमकर की विराट कोहली की तारीफ 1

आगे इंटरव्यू में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज माइकल क्लार्क ने कहा कि

“अगर विराट कुछ मैच नहीं भी खेलते हैं तो भी वो दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाज माने जाएंगे, उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए एक बड़ा नुकसान होगी. मेरे बयान से मेरी मुराद ये है कि भारत को शुरुआत अच्छी करनी होगी, टेस्ट सीरीज़ में लय पकड़ने के लिए टीम को वन-डे और टी20 में अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा.

मेरा ये मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में विराट के बगैर टीम को मुश्किलों का सामना तो करना पड़ेगा, इस बात से भी कोई मुँह नहीं फेर सकता कि टेस्ट से पहले आत्मविश्वास की कमी का खामियाज़ा भारतीय टीम को भुगतना पड़ सकता है, इसलिए अगर वो वन-डे और टी20 सीरीज़ जीत कर टेस्ट सीरीज़ की ओर बढ़ते हैं तो ये टीम के हित ज़्यादा बेहतर होगा.”

कोहली को रिप्लेस करना लगभग नामुमकिन

रविन्द्र जडेजा

विश्व-कप विजेता ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने इस बात पर भी जोर दिया कि

“कोहली को रिप्लेस करना लगभग नामुमकिन है, भारतीय कप्तान ने जिस तरह से अपनी स्किल्स को खेल में उतारा है, उससे बाकी खिलाड़ियों के लिए वाकई में एक उदाहरण पेश होता है. विराट अपनी टीम के एक सच्चे लीडर हैं, उनकी ऐग्रेसिव एप्रोच कई बार टीम के लिए फ़ायदेमंद साबित होती है. जिससे बाकी खिलाड़ियों का भी मोरल बूस्ट होता है और वो भी बेहतर खेलने के लिए खुद को तैयार करते हैं.”