लक्ष्मण के विरुद्ध हितों के टकराव का मामला त्रुटिपूर्ण : बीसीसीआई

Gautam / 01 July 2016

भारत के पूर्व महान बल्लेबाज़ वीवीएस लक्ष्मण जो कि अनिल कुंबले की कंपनी में शेयरहोल्डर थे, उन पर हितों के टकराव का आरोप लगायें जा रहे है, जोकि बिलकुल निराधार हैं.

अनिल कुंबले को एक वर्ष के लिए भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया गया है, कुंबले को कोच बनायें जाने के बाद से ही शास्त्री-गांगुली टकराव और लक्ष्मण का अनिल कुंबले की कंपनी में शेयरहोल्डर होने की खबरों मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई हैं.

रिपोर्ट के अनुसार लक्ष्मण ने टेनविच कंपनी में अपना पांच फीसदी शेयर मार्च में बेच दिए थे, जिसके बाद उन्हें क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में भारतीय कोच चुनने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी.

बीसीसीआई के सचिव अजय शिर्के ने इस मामले में बयान देते हुए कहा कि “भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सभी संबंधित पक्षों को सूचित करना चाहता है, कि भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच पद के लिये आवेदकों के इंटरव्यू लेने के लिये समिति का कामकाज शुरू होने से पहले वीवीएस लक्ष्मण ने साफ शब्दों में अपनी वर्तमान स्थिति और टेनविच स्पोर्ट्स के साथ पूर्व में भागीदारी को स्पष्ट कर दिया था”

“इस आवश्यक कार्यप्रणाली के दौरान, मिस्टर लक्ष्मण ने बीसीसीआई को सूचित किया था कि उन्होंने टेनविच स्पोर्ट्स में अपनी पांच प्रतिशत के कुल शेयर मार्च 2016 में बेच दिये थे, और साथ ही घोषित किया था कि उनके टेनविच स्पोर्ट्स में अब कोई शेयर नहीं हैं और वह उसके किसी वैध या अवैध पद पर नहीं हैं”.

शिर्के ने आगे कहा इसलिए भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के चयन के समय लक्ष्मण हितों के टकराव वाली स्थिति में नहीं थे, इसलिए इस संबंध में लगाये जा रहे आरोप और त्रुटिपूर्ण है”.

वीवीएस लक्ष्मण जोकि क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्य है जिसको की भारतीय कोच को चयन की जिम्मेदारी दी गई थी. कहा से जा रहा था कि कुंबले की कंपनी की शेयरहोल्डर होने के  कारण लक्ष्मण ने अनिल को फायदा पहुँचाया हैं, लेकिन बीसीसीआई बयाँन जारी करके सभी अफवाहों और अटकलों पर विराम लगा दिया हैं.

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