करियर की अंतिम पारी में शतक बनाने के बावजूद फिर भारतीय के लिए कभी नहीं खेला यह बल्लेबाज

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करियर की अंतिम पारी में शतक बनाने के बावजूद फिर भारत के लिए कभी नहीं खेला यह बल्लेबाज 

करियर की अंतिम पारी में शतक बनाने के बावजूद फिर भारत के लिए कभी नहीं खेला यह बल्लेबाज

यदि आप क्रिकेट से किसी भी माध्यम से जुड़े हैं तो मोहम्मद अजहरुद्दीन को अच्छी तरह जानते होगे। तीन विश्व कप में भारत का नेतृत्व करने वाले और एक दौर में टीम को 90 जीत दिलाने वाले, वह सबसे सफल भारतीय वनडे कप्तान कहलाते थे। लेकिन इस दिग्गज खिलाड़ी के करियर पर ऐसा ग्रहण लगा की इनका क्रिकेट करियर खत्म हो गया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अजहरुद्दीन ने अपने आखिरी टेस्ट मैच में शतकीय पारी खेली थी।

मोहम्मद अजहरुद्दीन ने आखिरी टेस्ट में खेली थी शतकीय पारी

भारत के बल्लेबाज मोहम्मद अजहरुद्दीन का क्रिकेट करियर भले ही दागनुमा रहा लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अपना अहम योगदान दिया। अजहरुद्दीन ने 1984 में टेस्ट में डेब्यू करते हुए 99 टेस्ट मैच खेले।

उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले अपने आखिरी मैच में शतकीय पारी खेली थी। अजहरुद्दीन ने पहली इनिंग में 9 व दूसरी इनिंग में 102 रनों की शानदार पारी खेली थी। हालांकि यह टेस्ट साउथ अफ्रीका ने 71 रनों से जीत लिया था।

अजहरुद्दीन

अजहरुद्दीन ने अपने टेस्ट करियर में 45.0 के औसत से 6215 रन बनाए। यदि उनके करियर में फिक्सिंग के काले बादल नहीं आए होते तो इस खिलाड़ी का नाम बड़े-बड़े खिलाड़ियों के साथ लिया जाता। हालांकि जिन्हें क्रिकेट के बारे में पता है वह अजहरुद्दीन को महान बल्लेबाज मानते हैं।

5 दिसंबर 2000 का दिन कभी नहीं भूल सकते अजहरुद्दीन

पूर्व भारतीय कप्तान अजहरुद्दीन भारतीय क्रिकेट जगत के बड़े सितारे थे लेकिन 5 दिसंबर 2000 का दिन शायद ही वह कभी भुला पाएं। क्योंकि यही वह तारीख है जब इस खिलाड़ी के करियर का सूर्य अस्त हुआ। महानता का आयाम गढ़ सकने वाला एक खिलाड़ी देश का गद्दार घोषित कर दिया गया। उसे मैच फिक्सिंग का दोषी करार दिया गया।

20 जुलाई 2000 में आयकर अधिकारियों ने भारतीय टीम के टॉप चार क्रिकेटरों अजहरुद्दीन, अजय जडेजा, नयन मोंगिया और निखिल चोपड़ा के घरों पर छापा पड़ा। इस दौरान भारतीय कोच कपिल देव के घर भी छापा पड़ा।

31 अक्टूबर 2000, सीबीआई की रिपोर्ट में कहा गया कि अजहर ने मैच फिक्सिंग में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है। रिपोर्ट में अजहर का अपने साथियों अजय जडेजा और नयन मोंगिया से मदद लेने की भी बात कही गई। हालांकि, 6 नवम्बर 2012, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की ओर से अजहर पर लगाया गया प्रतिबंध हटा लिया गया।

अजहरुद्दीन की बायोग्राफी भी बनी। जिसका टाइटल अजहर रखा गया। इस बायोग्राफी के माध्यम से करोड़ों फैंस को इनकी जिंदगी का कड़वा सच दिखाया गया। जिसे लोगों ने काफी पसंद भी किया।

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