पंजाब पर शानदार जीत के बाद धोनी ने बताई वो वजह, जिसके चलते दीपक चहर और हरभजन को भेजा अपने से पहले

kalpesh kalal / 21 May 2018

इंडियन प्रीमियर लीग के 11वें सीजन में रविवार को अंतिम लीग मैच चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच पुणे के एमसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।

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चेन्नई सुपर किंग्स फिर लौटा जीत के ट्रेक पर

किंग्स इलेवन पंजाब की टीम अपने लिए इस सबसे अहम मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी और पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर से पहले ही 153 रनों पर ऑल आउट हो गई। इसके जवाब में सीएसकी टीम ने लक्ष्य को 5 विकेट पर ही हासिल कर लिया।

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किंग्स इलेवन पंजाब ने खड़ा किया 153 रन का स्कोर

अपने लिए प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए बड़े अंतर से जीत हासिल करने के इरादे से किंग्स इलेवन पंजाब की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी। किंग्स इलेवन पंजाब की शुरूआत बहुत ही खराब रही और महज 16 रनों के स्कोर पर ही तीन शुरूआती विकेट खो दिए। इसके बाद डेविड मिलर और मनोज तिवारी ने टीम को संभाला और एक साझेदारी की। आखिर के ओवरों में करूण नायर के शानदार 54 रनों के बाद भी किंग्स इलेवन पूरे ओवर खेले बगैर 153 रनों पर ढेर हो गई।

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सीएसके की अंतिम मैच में धमाकेदार जीत

किंग्स इलेवन पंजाब को प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए इस मैच में 53 रनों से जीत हासिल करनी थी। और किंग्स इलेवन पंजाब ने कुछ इसी अंदाज में शुरूआत की और सीएसके के 27 रनों पर 3 विकेट झटक लिए। लेकिन इसके बाद पहले हरभजन सिंह और सुरेश रैना और

इसके बाद सुरेश रैना और दीपक चहर के बीच उपयोगी साझेदारी से सीएसके का स्कोर 100 के पार हो गया। इसके बाद सुरेश रैना ने धोनी के साथ मिलकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचा दिया। रैना ने 61 रनों की पारी खेली।

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धोनी ने चाहर और भज्जी को ऊपर भेजना का बताया कारण

इस मैच को जीतने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने कहा, कि

“अगर आप गेंदबाजी क्रम को देखो तो ये कुछ स्विंग कर रही थी। इस तरह के मैच में जहां पर बहुत स्विंग को रही हो आप विकेट लेना चाहेंगे। हमने इस कारण भज्जी और चहर को भेजा, क्योंकि हमें पता था, कि वह निचले क्रम के बल्लेबाजों के लिए बाउंसर्स और आउट कटर्स की कोशिश करेंगे. उन्हें स्विंग गेंदबाजी नहीं होगी।”

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“सभी फील्डर्स  ऊपर थे तो मैंने बड़े शॉट के लिए भेज दिया। हमारे पास लोगों का ऐसा समूह है जो खिलाड़ियों के बहुत करीब है। इस तरह से ये कप्तान के लिए आसान हो जाता है। साथ ही हमारी बहुत अच्छी टीम है। पहले एडिशन के साथ ही हमने खिलाड़ी रखे और उन्होंने प्रदर्शन किया-अश्विन, बोलिंजर, मोहित।”

दो साल अलग रहने के बाद टीम को साथ करना है चुनौती

सबसे बड़ी चुनौती तो ये थी कि दो साल से जो खिलाड़ी आपके साथ नहीं है उन्हें एकजुट करना। हम इस तरह की प्रक्रिया को सही मानते हैं, क्योंकि इसी से वो आपको परिणाम देंगे।  मुझे फाइनल मैच याद है जहां पर कुछ गलत हुआ था। आपको जहां गलत हुआ उसे याद करने की जरूरत है। आप निश्चित दिन पर अपना बेस्ट देते हैं, क्योंकि हर कोई जीत चाहता है।” 

dhoni

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