महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली के कप्तानी पर बोले पार्थिव पटेल, बताया सबसे बड़ा अंतर 1

आज के समय में महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली के कप्तानी को लेकर तुलना हो रही है. जिसको लेकर दिग्गज खिलाड़ी अपनी राय देते हुए नजर आ रहे हैं. अब भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा और विराट कोहली के कप्तानी के बीच अंतर बताया है.

महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के कप्तानी पर बोले पार्थिव पटेल

धोनी

जब आईपीएल की शुरुआत हुई तो उस समय पार्थिव पटेल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए नजर आते थे. जहाँ पर वो महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी में खेले थे. उसके बाद वो मुंबई इंडियंस की टीम से खेलते हुए रोहित शर्मा के कप्तानी में खेले हैं. उनके कप्तानी के बारें में बोलते पार्थिव पटेल ने आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर कहा कि

” मुझे लगता है कि एमएस धोनी हर खिलाड़ी की क्षमता के बारे में पूरी तरह से जानते हैं. धोनी जानते हैं कि एक खिलाड़ी की क्षमता क्या है, और वह उसे कैसे बाहर लाएगा. वह उन्हें अपने अंदाज में खेलने देता है, और उन्हें खुद को साबित करने का मौका देते हैं. रोहित वास्तव में अच्छी योजना बनाते हैं. वह यह पता लगाते हैं कि उसे दी गई जानकारी का उपयोग कैसे करना है, और किस खिलाड़ी को किस भूमिका में उपयोग किया जा सकता है. उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में बहुत सुधार किया है.”

विराट कोहली के कप्तानी पर बोले पार्थिव पटेल

Virat Kohli (R) and wicketkeeper Parthiv

मौजूदा समय में वो विराट कोहली के कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम में खेल रहे हैं. जहाँ पर पिछले 3 साल से टीम का हिस्सा हैं. विराट को उन्होंने नजदीक से काम करते हुए देखा है.जिसके कारण अब उन्होंने विराट कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि

” उनकी कप्तानी का अंदाज बिल्कुल अलग है. वो आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करना चाहते हैं और हमेशा आक्रामक रहते हैं. यही उनका स्टाइल और उनके लिए अच्छा भी है. धोनी और रोहित ड्रेसिंग रूम को शांत रखते हैं, जबकि विराट कोहली चाहते हैं कि सब लोग बिल्कुल तैयार रहें.”

आईपीएल का इंतजार कर रहे हैं पार्थिव

पार्थिव पटेल

फ़िलहाल कोरोना वायरस के वजह से लंबे समय से खेल बंद चल रहा है. जिसके कारण ही आईपीएल 2020 भी अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. पार्थिव पटेल को अब आईपीएल के शुरू होने का इंतजार हैं. इसके साथ ही भारत का घरेलू क्रिकेट भी बहुत ज्यादा प्रभावित हो गया है. इस साल सभी घरेलू टूर्नामेंट आयोजित करना बहुत मुश्किल है.