ऋषभ पंत

भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा दौर में सबसे प्रतिभाशाली युवा विकेटकीपर बल्लेबाज में से एक ऋषभ पंत को महेन्द्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट के बाद से ही उनका उत्तराधिकारी माना जा रहा है। ऋषभ पंत को तो धोनी के संन्यास से सालभर पहले से ही उनकी जगह का वास्तविक हकदार मानने वालों की कभी कमी नहीं रही। ऋषभ पंत को भारत के आने वाले सितारें के रूप में देखा जा रहा है।

ऋषभ पंत से क्या अब उठने लगा है भरोसा

वैसे ऋषभ पंत ने साल 2018 में भारत के लिए तीनों ही फॉर्मेट में प्रमुख रूप से जगह बना ली थी। लेकिन ऋषभ पंत ने भारतीय टीम में अपने लिए बने इन मौकों को काफी हल्के में ले लिया और धीरे-धीरे अब अपनी जगह गंवाते नजर आ रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया

इसमें कोई दो राय नहीं है कि दिल्ली का ये युवा सितारा प्रतिभा में किसी से कम नहीं है, लेकिन जिस तेजी के साथ ऋषभ पंत ने भारत के लिए एक के बाद एक तीनों फॉर्मेट में जगह बनाई थी, अब उसे खोते जा रहे हैं।

ऋषभ पंत का ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर सीमित ओवर सीरीज से पत्ता साफ

सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का चयन किया गया। भारत के चयनकर्ताओं ने तीनों ही फॉर्मेट की टीम को चुना, जिसमें चयनकर्ताओं ने एक बड़ा फैसला लेते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को वनडे और टी20 दोनों ही फॉर्मेट में मौका नहीं दिया।

विराट कोहली

ऋषभ पंत को टेस्ट स्क्वॉड में जरूर जगह दी है लेकिन ऋषभ पंत सही मायनों में तो सीमित ओवर के विशेषज्ञ बल्लेबाज हैं, लेकिन उनके द्वारा सीमित ओवर की टीम में जगह ना बना पाना साफ संदेश है कि अब टीम मैनेजमेंट को उन पर भरोसा नहीं रहा है।

संजू सैमसन में अब टीम मैनेजमेंट को दिख रहा है भविष्य!

आईपीएल के 13वें सीजन में ऋषभ पंत अब तक कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सके हैं, पंत इस सीजन में अब तक तो कोई पचासा नहीं लगा सके हैं, तो वहीं उनकी बल्लेबाजी में भी प्रभाव नहीं दिख रहा है। ऐसे में चयनकर्ताओं ने पंत को शामिल नहीं करने में ही सही समझा

क्या खत्म हो गया है ऋषभ पंत का करियर, विराट कोहली को अब नहीं रहा भरोसा! 1

तो वहीं दूसरी तरफ टी20 स्क्वॉड में संजू सैमसन को जगह मिली है जो अपने बल्ले से इस सीजन में 300 से ज्यादा रन बना चुके हैं तो कुछ मैचों में जीत में बड़ी भूमिका अदा की। ऐसे में साफ है कि अब चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को संजू सैमसन में आगे की राह तलाशने की भरोसा जगा है।