राहुल द्रविड़ के हितों के टकराव मामले पर, बीसीसीआई लोकपाल ने सुनाया फैसला 1

पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ अभी नेशनल क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) के प्रमुख हैं। उन्हें जुलाई यह जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद अगस्त में उनके खिलाफ हितों के टकराव मामले को लेकर शिकायत की गयी। उन्हें 1 जुलाई को एनसीए की जिम्मेदारी संभालनी थी लेकिन हितों के टकराव मामले की वजह से ही उनकी नियुक्ति में देरी हुई थी।

बीसीसीआई लोकपाल ने सुनाया फैसला

राहुल द्रविड़ के हितों के टकराव मामले पर, बीसीसीआई लोकपाल ने सुनाया फैसला 2

राहुल द्रविड़ के हितों का टकराव मामले पर बीसीसीआई के लोकपाल जस्टिस डीके जैन का फैसला आ गया है। इसमें द्रविड़ को आरोप से मुक्त कर दिया गया है। ईएसपीएन क्रिक इन्फो के मुताबिक जस्टिस जैन ने कहा

द्रविड़ के खिलाफ “हितों का टकराव” नहीं बनाया जा सकता था और इसलिए उन्होंने शिकायत को “खारिज” कर दिया था क्योंकि यह “योग्यता का उल्लंघन” था।”

अगस्त में हुई थी शिकायत

राहुल द्रविड़

राहुल द्रविड़ के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने बीसीसीआई के लोकपाल रिटायर जस्टिस डीके जैन से शिकायत की थी। उन्होंने द्रविड़ पर हितों के टकराव का मामला दर्ज करवाया था।

संजीव गुप्ता के अनुसार द्रविड़ एनसीए निदेशक हैं और इंडिया सीमेंट्स समूह के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत हैं। इंडिया सीमेंट्स समूह ही आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स की मालिक है। इसी वजह से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गयी है।

राहुल द्रविड़ दो बार हुए हाजिर

राहुल द्रविड़

राहुल द्रविड़ को अगस्त में जस्टिस डीके जैन ने नोटिस दिया था। पूर्व भारतीय कप्तान ने जवाब ने लिखा कि उन्होंने इंडिया सीमेंट्स के साथ अपने रोजगार को निलंबित कर दिया था और उन्हें कोई वेतन नहीं मिल रहा था।

इसके बाद 26 सितंबर और फिर 12 नवंबर को उन्हें डीके जैन के सामने पेश होना पड़ा था। अब उन्हें इस मामले में दोष मुक्त कर दिया है। फैसला आने के बाद राहुल द्रविड़ एनसीए के प्रमुख बने रहेंगे। अगर फैसला उनके खिलाफ आता तो पद से हटना पड़ता। उनका एनसीए हेड बने रहना भारतीय क्रिकेट और युवा खिलाड़ियों के लिए भी अच्छी खबर है।