कोरोना वायरस

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के युवा सनसनी तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने इन दिनों हर किसी को मुश्किल में डाल दिया है। इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। इस टेस्ट सीरीज के पहले टेस्ट मैच में खेलने वाले जोफ्रा आर्चर को मैनचेस्टर में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच से इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने बाहर कर दिया।

जोफ्रा आर्चर ने तोड़ा सुरक्षा का नियम

जोफ्रा आर्चर को वैसे तो टीम से बाहर करने का कोई कारण प्रदर्शन नहीं था और ना ही उन्हें आराम दिया गया है। आर्चर को बाहर करने की असली वजह उनके द्वारा आईसीसी के कोरोना नियमों को तोड़ना रही है।

जोफ्रा आर्चर

साउथैम्टन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में खेलने के बाद दोनों ही टीमों को सीधे दूसरे टेस्ट मैच के लिए मैनचेस्टर पहुंचना था, सभी खिलाड़ियों ने तो ऐसा ही किया लेकिन वहीं जोफ्रा आर्चर मैनचेस्टर जाने से पहले अपने घर से होते हुए मैनचेस्टर पहुंचे।

एश्ले जाइल्स ने कहा, आर्चर की गलती से हो सकता है करोड़ा पाउंड का नुकसान

इस तरह से उन्होंने कोरोना के कारण बनाया गया नियम तोड़ दिया जिसके बाद ईसीबी ने तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाही की है तो वहीं दूसरी तरफ आर्चर की इस गलती से ईसीबी को करोड़ो पाउंड का नुकसान हो सकता है।

जोफ्रा आर्चर

ईसीबी के निदेशक एश्ले जाइल्स ने इसको लेकर संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि हर काम के लिए कार्रवाई होनी चाहिए और इस मामले में भी अनुशासनात्मक प्रक्रिया होगा। इससे बहुत बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। इसका प्रभाव गर्मियों के पूरे सत्र पर पड़ सकता था और करोड़ो पाउंड का नुकसान हो सकता था।

वो युवा हैं लेकिन उन्हें है अपनी गलती का अहसास

मुझे नहीं लगता कि उसे इसके संभावित प्रभावों के बारे में पता था। वो युवा हैं और युवा गलतियां करते हैं, उन्हें इससे सबक लेना होगा।

जोफ्रा आर्चर की इस गलती से ईसीबी को हो सकता था करोड़ो पाउंड का नुकसान, बोर्ड उठाएगा कठोर कदम 1

इसके बाद जाइल्स ने ये भी कहा कि “सामान्य परिस्थितियों में मैच के बीच घर जाना सामान्य प्रक्रिया होती है, लेकिन जैव सुरक्षित वातावरण तैयार करने में काफी मेहनत और पैसा लगा है और काफी कुछ दांव पर लगा है। जोफ्रा ने ये जता दिया कि वो कितना शर्मिंदा हैं, लेकिन ये पूरी टीम के लिए निराशाजनक है।”