संन्यास के बाद पहली बार मैदान पर दिखा ईयोन मोर्गन का रौद्र रूप, कर दी चौके-छक्कों की बारिश
संन्यास के बाद पहली बार मैदान पर दिखा ईयोन मोर्गन का रौद्र रूप, कर दी चौके-छक्कों की बारिश

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ईयोन मोर्गन (Eoin Morgan) ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने इस फैसले से सभी को हैरान कर दिया था। हालांकि संन्यास लेने के बाद एक बार वो क्रिकेट से जुड़ चुके हैं और अपने प्रदर्शन से एक बार फिर सभी को चौंका दिया। संन्यास के बाद पहली बार ईयोन मोर्गन (Eoin Morgan) ने तुफानी बल्लेबाजी करते हुए ये दिखा दिया कि उनमें अभी भी क्रिकेट बाकी है।

मोर्गन ने खेली तुफानी पारी

Eoin Morgan
Eoin Morgan

लंदन स्प्रिट ने ओवल में खेले गये रोमांचक मुकाबले में ओवर इनविसिबल्स को 3 रनों से शिकस्त देकर मुकाबला अपने नाम करने में कामयाब रहा। इस जीत के पीछे इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ईयोन मोर्गन (Eoin Morgan)  का अहम योगदान रहा। उन्होंने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों में 5 चौके और 3 छक्कों की मदद से 47 रनों की पारी खेली थी। बता दें कि उनकी इस पारी की बदौलत ही लंदन स्प्रिट ओवर इनविसिबल्स के सामने 171 रनों का लक्ष्य रकने में कामयाब रही।

टीम के जीत में निभाई भूमिका

Eoin Morgan
Eoin Morgan

अपनी खराब फॉर्म की वजह से हाल ही में संन्यास लेने वाले इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ईयोन मोर्गन (Eoin Morgan) एक बार फिर से अपने फॉर्म में वापसी कर चुके हैं। हालांकि वो अब इंग्लैंड नेशनल टीम का हिस्सा नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद वो क्रिकेट से दूरी नहीं बना पाये हैं। ओवल इनविसिबल्स के खिलाफ उन्होंने धमाकेदार पारी खेलकर 47 रन तो बनाये लेकिन इनमें से 38 रन तो उन्होंने 5 चौके और 3 छक्कों की मदद से ही बना डाले थे। बता दें कि ईयोन मोर्गन (Eoin Morgan) संन्यास लेने के बाद पहली बार बल्लेबाजी करने के लिए आये और आते ही उन्होंने अपना रौद्र रूप दिखा दिया।

खराब फॉर्म की वजह से लिया था संन्यास

Eoin Morgan with World Cup Trophy
Eoin Morgan with World Cup Trophy

ईयोन मोर्गन (Eoin Morgan) काफी लंबे समय से ही खराब फॉर्म से जूंझ रहे थे। उन्होंने अपने फॉर्म में वापसी करने की कोशिश तो की लेकिन नाकाम साबित हुए। फॉर्म में वापसी न कर पाने की वजह से उन्हें संन्यास लेना पड़ा। बता दें कि साल 2019 के वर्ल्ड कप में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी और कप्तान के तौर पर पहली बार इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताया था। ईयोन मोर्गन (Eoin Morgan) के कप्तान के तौर पर इस सफलता को शायद ही कोई भूल पायेगा।