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हार्दिक-राहुल से 82 साल पहले इस भारतीय खिलाड़ी को अनुशासनात्मक मसले के चलते किया गया था बैन

भारतीय टीम के स्टार ओपनर बल्लेबाज केएल राहुल और उनके बेस्ट फ्रेंड हार्दिक पांड्या हाल में ही करण जौहर के शो ‘काफी विद करण’ में पहुंचे थे.

इस शो के दौरान दोनों ने जमकर मस्ती की थी, लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों ने इस चैट शो के दौरान कई ऐसी बातें बोल डाली, जिससे महिलाओं को काफी दुःख पहुंचा है. दोनों ने कई तरह की अभद्र टिप्पणीयां महिलाओं के लिए बोल दी थी. जिससे अब महिलाओं के साथ पूरा देश गुस्से में है.

बीसीसीआई ने जाँच पूरी होने तक कर दिया सस्पेंड 

महिलाओं पर की गई अभद्र टिप्पणीयों के लिए केएल राहुल और हार्दिक पांड्या दोनों खिलाडियों को जाँच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है. दोनों ही खिलाड़ियों को वापस भारत लौटने का आदेश दे दिया गया है.

82 साल पहले अमरनाथ को भेजा गया था स्वदेश वापस 

82 साल पहले साल 1936 में लाला अमरनाथ ने तत्कालीन कप्तान विजयनगरम के महाराज यानी विज्जी का एक मैच के दौरान कथित अपमान कर दिया था. कप्तान के संग किये गए दुर्व्यवहार के कारण इंग्लैंड दौरे से वापस भेज दिया गया था. विदेशी दौरों में कई बार अनुशासनात्मक मसले उठे है, लेकिन किसी भी खिलाड़ी को स्वदेश लौटने के लिए नहीं कहा गया था.

अमरनाथ को पैड-अप कराके नहीं भेजा गया बल्लेबाजी के लिए 

लाला अमरनाथ के छोटे बेटे राजिंदर अमरनाथ द्वारा लिखी गई किताब लाइफ़ एंड टाइम्स में इस घटना को लेकर लिखा, “लाला अमरनाथ इंग्लैंड दौरे में अपनी पीठ के दर्द से जूझ रहे थे, लेकिन कप्तान विजयनगरम ने उन्हें आराम करने की अनुमति नहीं दी और लगातार मैच खिलाये,लेकिन लॉर्ड्स के मैदान पर लाला अमरनाथ के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया.

लॉर्ड्स में उन्हें पैड-अप होने के लिए कहा गया, लेकिन टीम के सबसे अहम बल्लेबाज होने के बावजूद उन्हें बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा जा रहा था. कप्तान विज्जी ने अन्य कमजोर बल्लेबाजों को उनसे  पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा, उनका 7-8 विकेट होने के बावजूद उन्हें बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा जा रहा था. 

अपने संग हो रहे दुर्व्यवहार के चलते लाला अमरनाथ ने आपा खो दिया और कप्तान से उनकी कहासुनी हो गई. जिसके बाद उन्हें कप्तान से बदतमीजी के लिए वापस स्वदेश भेज दिया गया. 

सभी खिलाड़ियों ने लाला अमरनाथ के खिलाफ कार्यवाही के एक पत्र में हस्ताक्षर किया और इसके बाद लाला अमरनाथ को घर जाने के लिए कहा गया. 

1996 के इंग्लैंड दौरे में भी नवजोत सिंह सिद्धू कप्तान अजहरुद्दीन के साथ झगड़े को लेकर दौरा बीच में ही छोड़ आये थे. हालाँकि, वह खुद की मर्जी से दौरा बीच में छोड़ आये थे. उन्हें बोर्ड ने नहीं कहा था.

 

 

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