ऐसे भारतीय जिन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए क्रिकेट में लगाये सबसे तेज़ शतक

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दिग्गज भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए लगाया सबसे तेज शतक 

दिग्गज भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए लगाया सबसे तेज शतक
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भारतीय क्रिकेट टीम को ऐसे ही नहीं लक्ष्य का पीछा करने में सबसे बेहतरीन टीमों में गिना जाता। भारतीय बल्लेबाजों ने जैसे हमेशा से दुनिया भर के दिग्गज गेंदबाजों की नाक में दम किया हुआ है। फ़िलहाल टीम को ऐसे पॉवर-हिटर मिल चुके हैं जो बड़े-बड़े मैदानों पर भी बड़े छक्के लगाने में माहिर हैं।

एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज़ शतक एबी डीविलियर्स के नाम है, जो 31 गेंदों में शतक जड़ चुके हैं। वहीँ भारतीयों में यह रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है, जिन्होंने 52 गेंदों में शतक जड़ा हुआ है। इस आर्टिकल में हम ऐसे कुछ भारतीय बल्लेबाजों पर नज़र डालने का रहे हैं, जिन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए लगाये हैं सबसे तेज़ शतक।

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विराट कोहली- 52 गेंद

चेज़ किंग, विराट कोहली ने यह शतक 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ जड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए पांच विकेट पर 359 का भारी भरकम स्कोर खड़ा कर दिया था। ऑस्ट्रेलियाई पारी की ख़ास बात यह रही कि मेहमान टीम के पहले पांच बल्लेबाज, सभी ने पचास से अधिक का स्कोर किया, लेकिन कोई भी शतक पूरा नहीं कर सका।

भारत के लिए ओपनिंग साझेदारी 176 रनों की हुई। शिखर धवन पांच रन के अंतर से शतक से चूक गए थे। विराट कोहली क्रीज़ पर आये और शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाते हुए केवल 52 गेंदों में ही शतक जड़ दिया। इस पारी में उन्होंने आठ चौके और सात छक्के जड़े।

विराट कोहली द्वारा बनाया गया यह शतक आज भी किसी एकदिवसीय मैच में किसी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे तेज़ शतक है।

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वीरेंद्र सहवाग- 61 गेंद

2009 भारत का न्यूज़ीलैंड दौरा, इस एकदिवसीय श्रंखला के पहले तीन में से दो में भारत जीत दर्ज कर चुका था और एक रद्द रहा। चौथे मैच में न्यूज़ीलैंड ने 270 रनों का स्कोर बनाया।

इस मैच में बारिश ने दखल दिया। वीरेंद सहवाग ने शुरू से ही कीवी गेंदबाजों को अपना निशाना बनाये रखा। उन्होंने 61 गेंदों में शतक पूरा किया। ख़ास बात यह रही कि भारत ने यह मैच दस विकेट से अपने नाम किया।

मोहम्मद अज़हरुद्दीन- 62 गेंद

1988 में न्यूज़ीलैंड की टीम भारतीय दौरे पर थी। पांच मैचों की एकदिवसीय श्रंखला में भारत पहले तीन मैचों में बड़े अंतर से जीत दर्ज करने में सफ़ल रही थी। चौथा मैच वडोदरा में खेला गया और न्यूज़ीलैंड ने पहले खेलते हुए तीन विकेट के नुकसान पर 278 रनों का स्कोर खड़ा किया।

जवाब में भारतीय टीम के तीन बल्लेबाज पचास रन के स्कोर तक पवेलियन लौट चुके थे। चौथे विकेट के लिए 68 रन की साझेदारी हुई और स्कोर 118 पर चार विकेट हो चला। भारत को अभी भी 160 रनों की जरुरत थी। मोहम्मद अजहरुद्दीन क्रीज़ पर आये और उन्होंने केवल 62 गेंदों में ही शतक जड़, एक ताबड़तोड़ पारी खेल टीम को जीत दिलाई।

 

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