‘महेंदर सिंह धोनी’ महान भारतीय कप्तान क्यों हैं..? जानिए 5 कारण…

34 वर्ष के हो चुके “महेंद्र सिंह धोनी” विश्व स्तर पर यकीनन भारत के एक बेहतरीन कप्तान रहे हैं. अपने 8 साल के इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय टीम को काफी ऊंचाइयों तक पहुँचाया है.

हालाँकि एक कप्तान व् बल्लेबाज़ दोनों के रूप में हाल के कुछ महीनो में उनका वह जादुई कमाल फीका पड़ता नज़र आ रहा है. 2012/13 में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके लगातार श्रृंखला हारने पर उन्हें अपने करियर में पहली बार कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है. उनकी कप्तानी में भारत ने 24 साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला को भी खो दिया इसके अलावा भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज भी गवा दी ,दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला के इतिहास में यह पहली बार हुआ. इसके बाद धोनी की प्रतिष्ठा पर और बुरा प्रभाव पड़ा.

लेकिन फिर भी भारत के महानतम कप्तान के रूप में धोनी का नाम आता है इसके पीछे भी कुछ कारण हैं. आइये जानते हैं उनमे से प्रमुख 5 कारण –

1 . दो विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी सहित सभी आईसीसी ट्राफियां उनके नाम हैं

2 . 2008 आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भारत धोनी  की कप्तानी में पहली बार पहले  स्थान पर कब्जा करने में सफल रहा.

3 . उन्होंने अधिकतम टेस्ट मैच जीते हैं, 60 टेस्ट मैचों में से 27 .और कुल मिलाकर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा टेस्ट जीतने की सूची में यह छठे स्थान पर है.
वनडे में वह क्रिकेट के इतिहास में तीन सबसे सफल कप्तानों में से एक है.रिकी पोंटिंग सूची में पहले स्थान पर है और धोनी दूसरा स्थान अर्जित करने के लिए एलन बॉर्डर से 6 जीत से पीछे चल रहे हैं.

4 .भारत पारंपरिक रूप से तेज गेंदबाजों और गुणवत्ता विकेटकीपर का उत्पादन करने के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन भारत ने धोनी के रूप में सभी समय का सबसे अच्छा विकेटकीपर बल्लेबाज पाया है.

5 . जैसा कि इन दिनों अधिकतर क्रिकेटर पिच पर बहुत बातचीत करते हैं लेकिन धोनी कुछ अलग ही स्वाभाव के हैं अपने शांत रवैय से उन्होंने इस जेंटलमैन खेल का नाम सार्थक किया है.

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