इन 4 मैच विनर खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे हुए बंद, करियर पर हमेशा के लिए लग सकता है फुल स्टॉप! 1

Team India:  इंडिया में क्रिकेट के प्रति जुनून कितना है किसी से बताने की जरुरत नहीं है. गली-मोहल्ले से लेकर क्रिकेट के मैदान में खेलने वाला हर युवा टीम इंडिया (Team India) की तरफ से खेलने की दिली-इच्छा रखता है. 130 करोड़ की जनसंख्या वाले इस देश से महज 11 खिलाड़ी ही टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में हजारों प्लेयर का टीम इंडिया की तरफ से खेलने का सपना अधूरा ही रह जाता है.

युवाओं ने बंद किए सीनियर्स के रास्ते

इन 4 मैच विनर खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे हुए बंद, करियर पर हमेशा के लिए लग सकता है फुल स्टॉप! 2

हालांकि, युवा खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट से लेकर खेलने के लिए आईपीएल जैसा एक बड़ा मंच मिलता है. लगातार घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी आईपीएल (IPL) के जरिए इंटरनेशल क्रिकेट (International Cricket)  में अपनी पहचान बना रहे हैं. साल 2021 के आईपीएल में कई युवा खिलाड़ी उभर कर सामने आए हैं. ऐसे में उनके लिए टीम इंडिया के दरवाजे खुले हैं हालांकि, इन खिलाड़ियों सीनियर्स खिलाड़ियों के टीम इंडिया में वापसी के दरवाजे बंद करवा दिए हैं. युवा खिलाड़ियों से मिल रही लगातार कॉम्पिटिशन की वजह से आने वाले दिनों में कई बड़े क्रिकेटर्स का वनडे करियर खत्म होने के कगार पर है.

1. अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane )

इन 4 मैच विनर खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे हुए बंद, करियर पर हमेशा के लिए लग सकता है फुल स्टॉप! 3

वन डे फॉर्मेट में कभी टीम इंडिया का अभिन्न हिस्सा रहे अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane ) लंबे अरसे से बाहर चल रहे हैं. रहाणे फिलहाल टीम इंडिया के लिए सिर्फ टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं जहां, श्रेयस अय्यर की एंट्री और उनके खराब फॉर्म ने इस फॉर्मेट में भी खतरे की घंटी बजा दी है. रहाणे की गिनती इंडिया के बड़े खिलाड़ी के रूप में होती है.

रहाणे इंडिया के लिए टेस्ट से लेकर वन डे और टी20 फॉर्मेट में भी खेल चुके हैं. उन्होंने वन डे और टी20 में ओपनिंग कर चुके हैं.  2011 में डेब्यू करने वाले अजिंक्य रहाणे ने टीम इंडिया के लिए 90 वनडे मैच खेले हैं. हालांकि, वो 2018 से ही वनडे टीम का हिस्सा नहीं है.

रहाणे का टेस्ट करियर भी डूबने के कगार पर

इन 4 मैच विनर खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे हुए बंद, करियर पर हमेशा के लिए लग सकता है फुल स्टॉप! 4

रहाणे को टीम मैनेजमेंट एक टेस्ट स्पेशलिस्ट के तौर पर देखती है. कोहली के साथ उन्होंने लंबे वक्त तक उप कप्तानी का जिम्मा संभाला है. हालांकि, इस स्टार खिलाड़ी का वन डे, टी20 के बाद टेस्ट क्रिकेट में भी खराब दौर शुरू हो गया है जिसकी वजह से बीसीसीआई (BCCI) ने उप कप्तानी छिन कर रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के जिम्मे दे दी. पिछले एक साल में टेस्ट क्रिकेट में रहाणे का फॉर्म इतना गिरा की मैनेटमेंट को मजबूरन उनका रिप्लेसमेंट ढूंढ़ना पड़ा है. युवा श्रेयस अय्यर ने रहाणे की कप्तानी में ही डेब्यू करते हुए शानदार शतक और अर्धशतक जड़ कर टीम में मजबूत दावेदारी पेश कर दी.

टेस्ट करियर एक तरफ डूबता हुआ दिख रहा है दूसरी तरफ वन डे फॉर्मेट में मिडिल ऑर्डर में सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर और ईशान किशन जैसे बल्लेबाजों ने वापसी के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं. इन खिलाड़ियों के अलावे लाइन में कई युवा खिलाड़ी हैं, जिसे देख लगता है कि अब रहाणे शायद ही कभी वनडे क्रिकेट में खेलते हुए दिखाई देंगे.

2. ईशांत शर्मा (Ishant Sharma)

इन 4 मैच विनर खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे हुए बंद, करियर पर हमेशा के लिए लग सकता है फुल स्टॉप! 5

टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के नियमित तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा (Ishant Sharma) को आज भी क्रिकेट फैंस आईसीसी चैंपियन ट्रॉफी में डाले गए चमत्कारी बॉलिंग स्पेल को लेकर याद करते हैं, जिसकी बदौलत एमएस धोनी (MS Dhoni) की अगुआई वाली टीम चैंपियन बनी थी. हालांकि, 2007 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे क्रिकेट की शुरुआत करने वाला यह गेंदबाज 2016 से एक भी वनडे क्रिकेट नहीं खेल सका है. इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है फिटनेस और युवा खिलाड़ियों की टीम में एंट्री.

ईशांत की जगह युवा पेसरों की फौज

इन 4 मैच विनर खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे हुए बंद, करियर पर हमेशा के लिए लग सकता है फुल स्टॉप! 6

कभी टीम इंडिया (Team India) को स्पिनरों की फौज रखने के लिए जाना जाता था. लेकिन पिछले दो दशकों में ये अवधारणा बदली है. ईशांत शर्मा लंबे समय तक वन डे में टीम की अगुआई करते रहे. ईशांत अब तक 80 वनडे मैच खेल कर 115 विकेट चटकाए हैं. हालांकि, टीम इंडिया में युवा पेसरों की फौज ने 33 साल के इस तेज गेंदबाज के लिए टीम में जगह नहीं छोड़ी है. जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार पहले से ही टीम की अगुआई कर रहे हैं.

वहीं, अब दीपक चाहर, मोहम्मद सिराज, नवदीप सैनी, टी नटराजन और आवेश खान जैसे युवा पेसर टीम में उनका रिप्लेसमेंट बन गए हैं. भले ही ईशांत टेस्ट टीम में इंडिया के लिए लगातार खेलते रहे लेकिन वन डे फॉर्मेट में अपनी जगह पक्की नहीं रख सके. फिलहाल खराब फॉर्म और फिटनेस उन्हें टेस्ट टीम से भी बाहर करवा सकता है. ऐसे में वन डे टीम में उनकी वापसी अब मुश्किल है.

3. मनीष पांडे (Manish Pandey)

इन 4 मैच विनर खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे हुए बंद, करियर पर हमेशा के लिए लग सकता है फुल स्टॉप! 7

आईपीएल (IPL) में शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं मनीष पांडे(Manish Pandey). उन्हें 2015 में टीम इंडिया के लिए वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था. मनीष पांडे ने टीम इंडिया के लिए 28 वनडे खेलते हुए 555 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक भी शामिल है. हालांकि, नियमित रुप से प्रदर्शन करने में विफल रहने पर टीम में जगह पक्की करने में सफल नहीं हो सके. टीम इंडिया में मीडिल ऑर्डर में खराब प्रदर्शन की वजह से टीम इंडिया को अक्सर संकट के दौर से गुजरना पड़ा.

सीनियर्स खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में श्रीलंका दौरे पर खेलने का मौका मिला लेकिन इस मौके को भी भुनाने में नाकामयाब रहे. पांडे ने अपना आखिरी वनडे 23 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ खेला था. मीडिल ऑर्डर में सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, वेंकेटेश अय्यर सहित कई युवा खिलाड़ियों की वजह से अब मनीष का टीम में एंट्री संभव नहीं दिख रहा.

4. दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik)

भारतीय टीम

निदहास ट्रॉफी अपने दम पर जीतेने वाले टीम इंडिया के धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक (Dinesh Karthik) खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं. करियर के आखिरी पड़ाव पर लगभग खड़े कार्तिक पिछले दो साल से टीम इंडिया की वनडे टीम से बाहर हैं. कार्तिक का वन डे डेब्यू 2004 में हुआ था. हालांकि, दिग्गज कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की मौजूदगी ने इस खिलाड़ी को टीम में खेलने का ज्यादा मौके नहीं दिए.

बावजूद इसके मौके मिलने पर भी उसे भुनाने में कार्तिक नाकामयाब रहे. उन्होंने 94 वनडे मैचों में 1752 रन बनाए हैं. कार्तिक का करियर वन डे में लगभग खत्म हो गया है. टीम में युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत, इसान किशन, संजू सैमसन की तिकड़ी ने उनके करियर पर लगभग फुल स्टॉप लगा दिया है.

One reply on “इन 4 मैच विनर खिलाड़ियों के लिए टीम इंडिया के दरवाजे हुए बंद, करियर पर हमेशा के लिए लग सकता है फुल स्टॉप!”

Comments are closed.