गौतम गंभीर ने उठाया महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी पर सवाल, कहा मैच विनर खिलाड़ी नहीं दिए 1

सौरव गांगुली ने भले ही टीम इंडिया को कोई आईसीसी खिताब ना जिताया हो, मगर इस बात में कोई दोराय नहीं है की दादा ने टीम इंडिया को तमाम मैच विनर खिलाड़ी दिए। तो वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को 3 आईसीसी ट्रॉफी जिताई हैं। मगर अब टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी गौतम गंभीर ने धोनी की कप्तानी की तुलना दादा की कप्तानी के साथ की है और उन्होंने माही की कप्तानी पर सवालिया निशान खड़े किए हैं।

धोनी ने विराट को नहीं दिए अधिक मैच विनर खिलाड़ी

गौतम गंभीर ने उठाया महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी पर सवाल, कहा मैच विनर खिलाड़ी नहीं दिए 2

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को 3 आईसीसी ट्रॉफी जिताई। इसी के साथ वह भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के ऐसे कप्तान बने जिन्होंने अपनी टीम को आईसीसी की तीनों ट्रॉफीज जिताई हैं। मगर टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी गौतम गंभीर ने अब धोनी की कप्तानी पर सवाल खड़े किए हैं।

ऐसा पहली बार नहीं देखा गया है कि गंभीर ने धोनी की कप्तानी को लेकर नकारात्मक बातें कहीं हैं, बल्कि वह पहले भी ऐसी बातें कह चुके हैं। उन्होंने ईएसपीएनक्रिकइन्फो पर बात करते हुए कहा,

“महेंद्र सिंह धोनी ने जब अपनी कप्तानी खत्म की तो उन्होंने विराट कोहली को चंद मैच विनर खिलाड़ी ही दिए। जिसमें विराट खुद, रोहित शर्मा व जसप्रीत बुमराह का नाम शामिल है। ये उतने खिलाड़ी नहीं हैं विश्व स्तरीय खिलाड़ी नहीं हैं जो टूर्नामेंट जीता दें।”

सौरव गांगुली ने दिए मैच विनर खिलाड़ी

गौतम गंभीर ने सौरव गांगुली की कप्तानी की तारीफ की। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि दादा ने टीम इंडिया को तमाम मैच विनर खिलाड़ी बनाकर दिए हैं, जिन्होंने एमएस को टी20 विश्व कप 2007 व 2011 विश्व कप जीतने में मदद की। गंभीर ने कहा,

“लेकिन सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान, वीरेंद्र सहवाग जैसे बड़े मैच विनर खिलाड़ी दिए।”

धोनी-दादा की तुलना मुश्किल

धोनी

क्रिकेट के गलियारों में आप अक्सर खिलाड़ियों की तुलना होते देखते होंगे। लेकिन यदि आप भारतीय क्रिकेट टीम की बात करते हैं तो अक्सर महेंद्र सिंह धोनी व सौरव गांगुली की कप्तानी की तुलना की जाती है। हालांकि दोनों ही कप्तानों ने भारत के लिए जो योगदान दिया, उसके लिए उनका नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखा गया है।

एक तरफ दादा ने 2000 में मैच फिक्सिंग के बाद बिखर चुकी टीम इंडिया को समेट कर विश्व क्रिकेट में विदेशों में जीतना सिखाया, तो वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने भारत को 3 खिताबी जित दिलाकर विश्व क्रिकेट में भारत के कद को और ऊंचा किया।