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युवराज सिंह के खिलाफ विक्रम राठौर के पक्ष में उतरे गौतम गंभीर, कोच बनने के लिए अंतरराष्ट्रीय खेलना जरूरी नहीं

गौतम गंभीर

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी युवराज सिंह ने कुछ ही वक्त पहले विक्रम राठौड़ की काबीलियत पर सवाल उठाया था. युवी का मानना है कि टी20 कोच बनने के लिए अंतर्राष्ट्रीय अनुभव होना अति आवश्यक है. मगर अब राठौर के पक्ष में उतरते हुए पूर्व भारतीय खिलाड़ी गौतम गंभीर ने कहा है कि टी20 कोच बनने के लिए अंतर्राष्ट्रीय अनुभव होने की आवश्यकता नहीं होती है.

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विक्रम राठौर के सपोर्ट में गंभीर

विक्रम राटौर

युवराज सिंह ने कहा था कि टी20 फॉर्मेट में बल्लेबाजी कोच बनने के लिए कोच को अंतरराष्ट्रीय अनुभव का होना जरुरी है. मगर अब गौतम गंभीर ने उससे विपरीत बात कही है. गंभीर का मानना है कि कोई भी कोच सिर्फ आपको सकारात्मक मानसिकता दे सकता है खेलना आपको खुद ही है. उन्होंने स्टार स्पोटर्स के शो ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ से कहा,

”एक विशेष फॉर्मेट के लिए अलग से टी20 बल्लेबाजी कोच रख सकते हैं. यह सही नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेले या पर्याप्त क्रिकेट नहीं खेले व्यक्ति सफल टी20 बल्लेबाजी कोच नहीं बन सकते.

चयन के लिए है जरुरी

गंभीर ने अपनी बात रखते हुए आगे कहा,

”टी20 फॉर्मेट में एक कोच का काम आपको सकारात्मक मानसिकता देना है ताकि आप स्वाभाविक खेल दिखा सको.”

वह आपको यह नहीं सिखाएगा कि लैप शॉट कैसे खेलना है या रिवर्स लैप कैसे लगाना है.

दुनिया का कोई कोच यह नहीं कर सकता. सफल कोच बनने के लिए बहुत क्रिकेट खेला होना जरूरी नहीं है, लेकिन चयनकर्ता बनने के लिए यह जरूरी है.”

युवराज ने क्या कहा था?

युवराज सिंह

आईसीसी विश्व कप 2019 के बाद सभी कोचों का कार्यकाल खत्म हो गया था. तब कपिल देव की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने मुख्य कोच रवि शास्त्री, गेंदबाजी व फील्डिंग कोच का कार्यकाल बरकरार रखा. लेकिन बल्लेबाजी कोच संजय बांगर की जगह विक्रम राठौड़ की नियुक्ति की. मगर पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने राठौर की काबीलियत पर सवाल उठाते हुए यूट्यूब पर स्पोर्ट्स स्क्रीन से कहा,

आपके पास बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर हैं. वह मेरे सीनियर रहे हैं. जब मैं राज्य के लिए खेल रहा था तो कई बार मेंटॉर भी, लेकिन पूरे सम्मान के साथ अगर किसी ने लंबे समय तक उस स्तर की क्रिकेट नहीं खेली है और ऐसे में युवा पीढ़ी जो टी20 तथा छोटे फॉर्मेट की आदी है.

आप उन्हें क्या बताएंगे? वह उन्हें तकनीक बताएंगे लेकिन कोई उनसे मानसिक पक्ष पर बात करने के लिए नहीं होगा.