“गांगुली और तेंदुलकर” की बेमिसाल जोड़ी….आप भी देखिये.

खेल में एक स्थिर बल्लेबाजी लाइन अप के लिए एक अच्छी सलामी जोड़ी प्रमुख भूमिका निभाती है . मैदान पर अधिक समय साथ बिताने से दोनों खिलाडी एक दूसरे के तौर तरीकों व् आदतों को बेहतर समझने लगते हैं. और ये मैदानी रिश्ता कई बार इतना गहरा हो जाता है कि एक मिसाल कायम हो जाती है अपने “गांगुली और तेंदुलकर” की बेमिसाल जोड़ी की तरह.

यहाँ पेश है उनकी दोस्ती को दर्शाती कुछ तस्वीरें –

दोस्ती के शुरुवाती दिन

और एक महान भागीदारी बन गए

आधिकारिक तौर पर मैदान के बाहर

.1997 से ही

अपने दोस्त के एक बड़ा स्कोर बनाने पर


तुम गर्व महसूस करते हो

आगे सचिन पीछे ‘दादा’

दोनों का गहरा रिश्ता

अपने दोस्त के लिए बहुत आवश्यक विकेट लिया

दोस्त, चिल मार

टीमों द्वारा विभाजित 

भाईचारे द्वारा एकजुट

परिवार भी साथ

और जश्न भी साथ

जरूरत के समय में

भावुकता के स्तर पर जुड़े

हम दोस्त थे

हम दोस्त हैं

और हमेशा के लिए रहेंगे

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