क्रिस श्रीकांत ने महेंद्र सिंह धोनी और सौरव गांगुली में से इन्हें बताया बेहतर टेस्ट कप्तान 1

आज के समय में सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी के बीच बड़ा कप्तान होने की चर्चा चल रही है. जिस पर कई दिग्गज अपनी राय देते हुए नजर आ रहे हैं. जिसमें अब पूर्व भारतीय चयनकर्ता और सलामी बल्लेबाज क्रिस श्रीकांत का नाम भी शामिल हो गया है. श्रीकांत ने कहा की धोनी ने खुद टीम बनाई और सौरव गांगुली के पास अनिल कुंबले और हरभजन सिंह थे.

सौरव गांगुली और धोनी के कप्तानी पर बोले क्रिस श्रीकांत

महेंद्र सिंह धोनी

टेस्ट क्रिकेट में सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी में से कौन बेहतर कप्तान रहा है. जिसके बारें में बात करते हुए अब स्टार स्पोर्ट्स के क्रिकेट कनेक्टेड शो में पूर्व भारतीय चयनकर्ता और सलामी बल्लेबाज क्रिस श्रीकांत ने कहा कि

” यह बहुत ही कठिन तुलना कही जा सकती है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 के सीरीज में सौरव गांगुली बहुत शानदार रहे थे. उन्होंने वहां पर स्टीव वॉ की टीम को हराया था. लेकिन कुल मिलाकर, जो घरेलू सीरीज के दौरान प्रभाव की पड़ने की बात करें तो मुझे निश्चित रूप से महेंद्र सिंह धोनी मुझे आगे लगते हैं. सौरव को हरभजन सिंह और अनिल कुंबले के खेलने पर फायदा हुआ. धोनी के पास ये लग्जरी नहीं थी. अगर आप होम ट्रैक रिकॉर्ड देखते हैं, तो निश्चित रूप से मुझे लगता है कि धोनी बेहतर थे.”

महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी के दौरान क्रिस श्रीकांत थे चयनकर्ता

क्रिस श्रीकांत ने महेंद्र सिंह धोनी और सौरव गांगुली में से इन्हें बताया बेहतर टेस्ट कप्तान 2

जब महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे थे. उस समय क्रिस श्रीकांत ही भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता की भूमिका में नजर आ रहे थे. हरभजन सिंह की जगह रविचंद्रन अश्विन को मौका उन्होंने ही दिया था. महेंद्र सिंह धोनी ने अपने कप्तानी में जब बड़े बदलाव कियें.

उसमें श्रीकांत का भी बड़ा योगदान रहा था. अब यदि सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी के बीच टेस्ट फ़ॉर्मेट में कप्तानी की बात करें तो गांगुली का विदेशी सरजमीं पर रिकॉर्ड अच्छा रहा है. जबकि महेंद्र सिंह धोनी का रिकॉर्ड घरेलू सरजमीं पर अच्छा रहा था. जिसके कारण कौन बेहतर है ये कह पाना बहुत मुश्किल है.

अपनी राय रखते हुए नजर आते हैं श्रीकांत

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सोशल मीडिया पर क्रिस श्रीकांत अब एक्टिव रहते हैं. भारतीय टीम से जुड़े सभी सवालों का जवाब देते हुए भी नजर आते हैं. 1983 विश्व कप के दौरान श्रीकांत ही भारतीय टीम के लिए सलामी बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने भारतीय टीम के लिए उस समय आक्रामक बल्लेबाजी की थी. जिसके कारण उन्हें आज के समय में भी याद किया जाता है.