सौरव गांगुली के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए BCCI ने SC में डाली याचिका

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सौरव गांगुली-जय शाह के कार्यकाल को 3 साल के लिए बढ़ाने को बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में डाली याचिका 

सौरव गांगुली-जय शाह के कार्यकाल को 3 साल के लिए बढ़ाने को बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में डाली याचिका

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को अक्टूबर 2019 को बीसीसीआई का प्रेसिडेंट और जय शाह को सचिव नियुक्त किया गया. दोनों का ही कार्यकाल समाप्त हो रहा है और नियमानुसार जून में दोनों को अनिवार्य ब्रेक यानि कूलिंग पीरियड में जाना होगा. इस बीच अब बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट से इस कार्यकाल को बढ़ाने की अर्जी डाली है.

अरुण धूमल ने सुप्रीम कोर्ट में डाली याचिका

सौरव गांगुली

बीसीसीआई के प्रेसिडेंट सौरव गांगुली को अक्टूबर में अगले 9 महीनों के लिए बोर्ड का प्रेसिडेंट बनाया गया है. मगर अब इस कार्यकाल को बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने याचिका दायर कर दी है. धूमल के अनुसार याचिका में कहा गया है कि

‘‘बीसीसीआई ने पिछले साल हुई वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) में 9 अगस्त 2018 से लागू कूलिंग ऑफ पीरियड में जाने के नियम में संशोधन कर अपने पदाधिकारियों के कार्यकाल को बढ़ाने की स्वीकृति दे दी थी.’’

संशोधित नियम में क्या होगा?

यदि सुप्रीम कोर्ट याचिका को स्वीकार कर लेती है तो नियम में संसोधन होगा. इसके बाद सौरव गांगुली और जय शाह पर कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाने का नियम तभी लागू होगा, जब वे बीसीसीआई में लगातार 6 साल काम पूरा कर लेते हैं. राज्य क्रिकेट संघ में किए गए काम को बीसीसीआई अधिकारियों के काम में नहीं जोड़ा जाएगा.

गांगुली-शाह का कार्यकाल हो जाएगा जून में खत्म

सौरव गांगुली

प्रशासकों की समिति ने नियम बनाया था कि कोई भी व्यक्ति राज्य क्रिकेट संघ या बीसीसीआई में लगातार 6 साल किसी भी पद पर बना रहता है, तो उसे 3 साल के कूलिंग पीरियड पर जाना होगा. इसे सुप्रीम कोर्ट ने भी मंजूरी प्राप्त है.

अब गांगुली की बात करें, तो उन्हें 2014 में बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के सचिन पद पर नियुक्त किया गया था. वह लगातार 5 सालों तक वहां कार्यरल रहे और इसके बाद दोबारा उन्हें सितंबर 2019 में सचिन बनाया गया. लेकिन इसके बाद बोर्ड के सदस्यों ने वोट के जरिए गांगुली को बीसीसीआई अध्यक्ष नियुक्त किया और वह 9 महीने (जून तक) के लिए इस पद पर रहने के बाद कूलिंग पीरियड पर जाना अनिवार्य होगा. वहीं जय शाह गुजरात क्रिकेट संघ के सचिव रह चुके हैं.

जुलाई से गांगुली व शाह का कूलिंग पीरियड शुरु होगा जिसके तहत उन्हें 3 साल के लिए क्रिकेट मैनेजमेंट से दूर रहना होगा. मगर अब जबकि सुप्रीम कोर्ट में अर्जी डाली गई है तो देखते हैं आगे क्या होता है.

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