गौतम गंभीर के नाम से भी बनेगा स्टैंड

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दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में गौतम गंभीर के नाम से भी बनेगा एक स्टैंड 

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में गौतम गंभीर के नाम से भी बनेगा एक स्टैंड

भारत के पूर्व शलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को सम्मानित करने के लिए दिल्ली डिस्ट्रिक क्रिकेट एसोसिएसन (डीडीसीए) ने अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में उनके नाम से एक स्टैंड बनाने का फैसला किया है.

शीर्ष अदालत ने किया फैसला

शीर्ष परिषद के 16 सदस्यों में से 9 सदस्य जिन्होंने डीडीसीए अध्यक्ष रजत शर्मा के पड़ की पुनः बहाली के खिलाफ आवाज उठाई थी उन्होंने गौतम गंभीर के नाम से स्टैंड बनाने का फैसला किया है. अगर सब कुछ सही रहा तो इस कम को संभवतया अगले महीन तक रणजी ट्रॉफी सत्र से पहले पूरा कर लिया जाएगा.

ज्वाइंट सेक्रेट्री रंजन मनचंदा ने कहा

डीडीसीए के ज्वाइंट सेक्रेट्री रंजन मनचंदा ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि शीर्ष अदालत ने स्टेडियम में गौतम गंभीर के नाम स्टैंड बनाने की अनुमति दे दी है. गंभीर का स्टैंड स्टेडियम के आखरी में अंबेडकर फुटबाल स्टेडियम के करीब होगा.

गौतम गंभीर का क्रिकेटिंग सफ़र

गौतम गंभीर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना डेव्यु बांग्लादेश के खिलाफ 11 अप्रैल 2003 में किया था. गंभीर ने भारत के लिए कुल 58 टेस्ट, 147 वनडे तथा 37 टी 20 मैच खेलें हैं.

बाए हाँथ के इस दिग्गज बल्लेबाज ने 58 टेस्ट मैचों की 104 परियों में 41.96 की औसत के साथ 4154 रन बनाए हैं जिनमें उनके नाम 9 शतक, 22 अर्धशतक तथा एक शानदार दोहरा शतक भी है.

देश गंभीर के वो 97 रनों की पारी को हमेशा याद रखेगा

वहीँ वनडे की बात करें तो उन्होंने कुल 147 वन डे में गंभीर के नाम 5238 रन हैं जिनमे इनका औसत 40 के करीब का है. वन डे में गंभीर के नाम 11 शतक तथा 34 अर्धशतक हैं. गंभीर की विश्वकप में खेली गयी 97 रनों की लाजवाब पारी को पूरा भारत कभी नहीं भूल पायेगा. उन्होंने भारत को दूसरा विश्वकप जितने में अहम भूमिका निभाई थी.

सहवाग-सचिन हुए थे सस्ते में आउट

गंभीर तब बल्लेबाजी करने आये थे जब भारत ने अपना पहला विकेट आक्रामक बल्लेबाज सहवाग के रूप में पहले ओवर में ही खो दिया था और भारत को मैच जीतने के लिए 277 रनों की जरूरत थी. सहवाग के बाद सचिन का विकेट गिरने के बाद मानों पूरा भारत स्तब्ध रह गया कईयों ने तो अपने टीवी सेट को बंद कर दिया उन्हें लगा अब भारत मैच नहीं जीत सकता लेकिन गंभीर ड्रेसिंग रूम से ही कुछ ठान कर आये थे.

गंभीर ने उस एतिहासिक मैच में धोनी के साथ मिलकर भारत को जीत के दहलीज पर खड़ा कर दिया हालाँकि गंभीर अपने 97 के स्कोर पर परेरा की गेंद में क्लीन बोल्ड हो गए लेकिन तबतक मैच भारत की मुट्ठी में आ चूका था. रही सही कसार धोनी न पूरी कर दी और भारत को 27 साल बाद विश्व विजेता बना दिया.

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