सौरव गांगुली ने कहा सुनील गावस्कर सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज

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सौरव गांगुली ने कहा सुनील गावस्कर सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज लेकिन वीरेन्द्र सहवाग ज्यादा पीछे नहीं 

सौरव गांगुली ने कहा सुनील गावस्कर सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज लेकिन वीरेन्द्र सहवाग ज्यादा पीछे नहीं

भारतीय टीम ने कई दिग्गज सलामी बल्लेबाज दिए है. जिसमें सुनील गावस्कर, वीरेन्द्र सहवाग और गौतम गंभीर जैसे खिलाड़ी रहे हैं. पूर्व भारतीय कप्तान और बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा की सुनील गावस्कर भारत के सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज थे लेकिन वीरेन्द्र सहवाग भी उनसे बहुत ज्यादा पीछे नहीं है.

सौरव गांगुली ने कहा गावस्कर सर्वश्रेष्ठ लेकिन सहवाग भी पीछे नहीं

सौरव गांगुली

जब भी भारत के सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज की बात होती है तो उसमें सुनील गावस्कर का नाम सबसे पहले आता है. सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज पर बात करते हुए सौरव गांगुली ने इंडिया टुडे के इन्टरव्यू में कहा कि

” सहवाग सलामी बल्लेबाज के रूप में उस पीढ़ी के सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ी थे. इसमें मेरी अपनी सोच है, मैंने उससे कहा की देखो कोई बल्लेबाजी पोजीशन के साथ नहीं आता है. आप कैसे समायोजित करते हो. अच्छे खिलाड़ी तब बनते हैं जब वो अपने आराम के स्थान को छोड़कर अन्य जगह पर खेलते हैं.”

वीरेन्द्र सहवाग को दी खुलकर खेलने की सलाह

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आक्रामक बल्लेबाज की छवि रखने वाले वीरेन्द्र सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में 104 मैचों में 23 शतकों और 32 अर्धशतकों के साथ 8586 रन बनाए. उनको खुलकर खेलने की सलाह देते हुए सौरव गांगुली ने कहा था कि

” अगर मैं एकदिवसीय क्रिकेट में नंबर 4 या नंबर 5 पर बल्लेबाजी करता, तो मैं आधा खिलाड़ी होता. सचिन के साथ भी ऐसा ही होता, अगर वह बीच में बल्लेबाजी करते तो आधे रन बना पाते. मैंने उससे कहा था की बस आगे बढ़ो और खुलकर खेलो.वो एक विशेष खिलाड़ी है, वो सर्वश्रेष्ठ में से एक है.”

सुनील गावस्कर सर्वश्रेष्ठ लेकिन सहवाग ज्यादा पीछे नहीं

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अपने इंडिया टुडे के नेटवर्क पर बोलते हुए सौरव गांगुली ने कहा कि

” भारत के लिए सुनील गावस्कर सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज हैं, ये बिलकुल सही है. यह आदमी भी पीछे नहीं है. उन्होंने अलग तरह से खेला. एक खिलाड़ी गेंद को ऑफ स्टंप के बाहर जाने देने और इसे पुराना बनाने में विश्वास करता था. दूसरे ने गेंद को मारने और उसे पुराना बनाने में विश्वास किया. लेकिन उसका प्रभाव दिखाता था.”

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