इसलिए क्रिकेट को कहते है माइंड गेम

SAGAR MHATRE / 02 July 2015

क्रिकेट के खेल में विकेटकीपर का रोल सबसे ज्यादा होता है. विकेटकीपर को पुरे मैच में हर गेंद पर कडी नजर रखनी पडती है. और एक भी गलती अगर कीपर करता है, तो उनकी टीम को काफी नुकसान होता है.

अब हम दिखा इस विडियो में दों अलग अलग कीपर को दिखा रहे है. जिसमे एक कीपर ने अपनी चालाकी दिखाई, तो एक अपनी चालाकी दिखाने में नाकाम रहा.

सबसे पहले साल 2000 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच में, पाकिस्तान को आखिरी गेंद पर जीतने के लिए 1 रन चाहिए थी. जब गेंदबाज ने गेंद की तो सीधी गेंद कीपर के हाथों में चली गयी. और दोनों बल्लेबाज दौड पडे. लेकिन जो दुसरे एन्ड पर बल्लेबाज था वो पहले से ही पहुंच गया था, लेकिन जो बल्लेबाज स्ट्राइक पर था वो अभी आधे मैदान पर भी नहीं पहुंचा था, लेकिन कीपर ने बीना देखे जो बल्लेबाज पहुंच गया था उसके यहा थ्रो किया और पाकिस्तान ने ये मैच जीत लिया. और इसका कारण कीपर का चालाक ना होना था.

अब उसी विडियो में दूसरा चालाक कीपर ने क्या किया ये देखते है. इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रिका के बीच ये मैच 2005 में खेला गया था. अफ्रिका को आखिरी गेंद पर 1 रन चाहिए थी. और इसमे कीपर ने चालाकी दिखाते हुए कीपर विकेट के पास खडे हुए, जिससे बल्लेबाज को दौडने का मौका नहीं मिलेगा. जब गेंदबाज ने गेंद की तब बल्लेबाज गेंद को छु नहीं पाया और गेंद सीधे कीपर के हाथ में चली गयी. कीपर ने बल्लेबाज का पैर उठाने तक इंतजार किया, और जैसे ही उसने पैर उठाया कीपर ने सीधे स्टंप उडाया और मैच टाई हो गया. इसमे कीपर ने अपने दिमाग का शानदार इस्तेमाल किया.

देखे ये विडियो:

Related Topics