इस वजह से जेब में लाल रंग का रुमाल रख बल्लेबाजी करते हैं शुभमन गिल 1

क्रिकेट में कई बार क्रिकेटर को अंधविश्वास या कहें कि लकी चार्म जैसी चीज़ों को मानते हुए देखा गया है. चाहे वो पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सीनियर कप्तान स्टीव वॉ का जेब में लाल रूमाल रख कर खेलना हो या फिर कई अन्य खिलाड़ियों का खेल के दौरान कई तरह की चीज़ों में मान्यता रखना.

ऐसा ही कुछ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल ही में खत्म हुई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी के दौरान भी देखने को मिला. दरअसल कई बार कुछ क्रिकेटर्स  कई बार कुछ चीज़ों को साथ रख कर बेहतरीन प्रदर्शन कर जाते हैं तो वो उन्हें अपने साथ लगातार  रखते हैं. वही इस सीरीज़ के दौरान भारतीय युवा क्रिकेटर शुभमन गिल ने भी किया.

गिल ने बताई जेब में लाल रूमाल रखने की वजह

क्रिकेटर शुभमन गिल

मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट से भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू करने वाले शुभमन गिल अक्सर अपनी जेब में एक लाल रूमाल रखते हैं. ऐसा ही कुछ बीते समय में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ भी किया करते थे. वॉ का मानना था कि वो जेब में लाल रूमाल के साथ अच्छी बल्लेबाज़ी करते हैं.

2018 के अंडर-19 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ़ अपने लाल रूमाल रखने का करण बताते हुए कहा कि,

“मैं अपनी कमर में पहले लाल  रूमाल लटका कर खेलता था. उससे पहले ये रूमाल सफ़ेद रंग का होता था. लेकिन अपने जूनियर क्रिकेट के दिनों में लाल रूमाल को अपने जेब में रखा था तो एक मैच में मैंने शतक बना दिया था. उसके बाद से ही मैं इसको अपने साथ रखता हूँ. जिस वक़्त मैंने वो शतक लगाया था तब मैं अंडर-16 खेलता था.”

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन

भारतीय टीम

इस सीरीज़ में शुभमन गिल ने मेलबर्न टेस्ट में अपना टेस्ट डेब्यू करने के बाद 3 टेस्ट मैचों में काफ़ी शानदार क्रिकेट खेली है. 3 टेस्ट की 6 पारियों में बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए फ़ाज़िल्का के इस 21 वर्षीय नौजवान क्रिकेटर ने 51.80 की औसत से 259 रन बनाए.

इस दौरान गिल ने 2 अर्धशतकीय पारियां खेली. जिनमें से एक 91 रन की अहम पारी उन्होंने ब्रिसबेन टेस्ट के आखिरी और निर्णायक दिन खेल कर भारतीय टीम की ऐतिहासिक सीरीज़ जीत में अहम भूमिका निभाई. इससे पहले घरेलू क्रिकेट में भी उनका औसत लगभग 68 का रहा है.

सुलझा सकते हैं भारतीय टीम के लिए ओपनिंग की उलझन

शुभमन गिल

शुभमन गिल के औपनिंग स्लॉट पर बल्लेबाज़ी के लिए आने के बाद कहीं न कहीं ये माना जा रहा है कि भारतीय टीम को टेस्ट में अपनी ओपनिंग बल्लेबाज़ी का समाधान मिल गया है. अगर सीनियर बल्लेबाज़ रोहित शर्मा और युवा क्रिकेटर गिल एक निरंतर के साथ साझेदारियां करते हैं तो इस बात पर मुहर भी लग सकती है.

बस ये देखना अहम होगा कि गिल कब तक अपनी क्रिकेट को इसी बेहतरीन स्तर पर बरकरार रख पाएंगे. क्योंकि भारतीय टीम में अगर उनको अपनी जगह पक्की करनी है तो उनको निरंतरता पकड़नी होगी.