ग्रेग चैपल ने खुद बताया उनके कार्यकाल में क्यों हारती थी भारतीय टीम

sudhanshu / 16 August 2016

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान और भारतीय टीम के कोच रह चुके ग्रेग चैपल ने अभी अपने बयां में कहा है कि भारतीय टीम की कोचिंग वाकई में सम्मान की बात है. चैपल ने एक बार फिर मौका मिलने पर भारतीय टीम से कोच के रूप में जुड़ने की बात कही है. रामचरन होंगे रैना की भूमिका में, तो सचिन, युवराज और कोहली की भूमिका

अब तक के सबसे विवादित कोच में सुमार चैपल को सौरव गांगुली से मनमुटाव की खबरे जगजाहिर हैं.इसके बाद उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के पास विश्व की सबसे बेहतरीन बैटिंग लाइनअप है. उन्होंने यह भी माना कि कोचिंग सबसे कठिन कार्य है.

यह बात उन्होंने ESPN CRICINFO को दिए इंटरव्यू में कहा कि,“जब मै कोच था तब टीम में काफी प्रतिभा थी और हमने अच्छा करके भी दिखाया था, लेकिन कुछ के ख़राब प्रदर्शन से काफी चीज़े बदल गयी.अगर आवश्यकता पड़े तो मुझे ख़ुशी होगी ऑस्ट्रेलियाई कोच बनने में.लेकिन इन सब से परे भारतीय टीम का कोच पद बहुत सम्मान का होता है.”

यह भी पढ़े: इन भारतीय खिलाड़ियों की आपस में कभी नहीं बनी

उन्होंने कहा कि,“जब मै कोच था तब भारतीय टीम की बैटिंग लाइन अप विश्व की सबसे बेहतरीन बैटिंग लाइनअप थी.उन्होंने सर्वश्रेष्ठ टीम बनाई थी, हालाँकि और भी टीम उस समय अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर थीं.इसके बहुत सारे कारण हो सकते है. हालाँकि भारतीय टीम की बात हो तो उनके पास गेंदबाज़ी उस समय कमज़ोर थी  बल्लेबाज़ी के तुलना में.  जो उनके हार का कारण बनती थी.”

ग्रेग चैपल कोच पद पर रहते हुए काफी विवादों में रहे थे.उनके और गांगुली के बीच शुरू से ही मनमुटाव रहा था.  चैपल ने टीम में काफी असुरक्षा ला दी थी खिलाड़ियों के बीच ,जिसका हरभजन सिंह और ज़हीर खान ने खुले तौर पर आलोचना भी किया था. इन सब के बावजूद राहुल द्रविड़ कभी उनके विरुद्ध नही हुए जबकि एक बार तो उनके बातो की आलोचना सचिन तेंदुलकर ने भी कर दी थी.

यह भी पढ़े: ग्लेन मैक्ग्राथ ने ऑस्ट्रेलिया की किया श्रीलंका में खराब प्रदर्शन पर आलोचना

इसके बाद चैपल ने कहा कि,”किसी दुसरे देस की टीम का कोच बनना बड़े ही गर्व की बात है.टीम इंडिया जो इस समय क्रिकेट की पॉवर हाउस बनी हुई है.जिसके साथ काफी बड़े बड़े नाम जुड़े है. जब भी भारतीय टीम कोई सीरीज जीतकर एयरपोर्ट पर आती थी हजारों की संख्या में प्रसंसक आ जाते थे जोकि काफी अच्छा अनुभव था.”

अपनी बातो को अंतिम रूप देते हुए कहा कि,“यह मामला अन्दर से महसूस करके देखा जाना चाहिये कि खिलाड़ियों पर कितना दबाव होता है. वो भी भारतीय टीम पर जहाँ क्रिकेट को लोग काफी महत्व देते है जिससे जिम्मेदारियां बढ़ जाती है.”

यह भी पढ़ेपाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए इंग्लैंड की टीम में हुए बड़े बदलाव

 

Related Topics