विराट कोहली के सबसे करीबी दोस्त हरभजन सिंह ने विराट की अफ्रीका में मिली हार पर किया आलोचना, इन्हें बताया बेस्ट कप्तान

Devesh Jha / 19 January 2018

साउथ अफ्रीका से मिली हार पर अब हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। हरभजन सिंह ने भी कहा कि ये भारतीय टीम की असली परीक्षा थी। उन्होंने कहा कि उप-महाद्वीप के परिस्थितियों में विराट कोहली के लिए बतौर कप्तान ये एक बड़ी और असली परीक्षा थी।

भुवनेश्वर और रहाणे को ड्रॉप करना  था गलत फैसला

सैयद मुस्ताक अली ट्रॉफी के दौरान हरभजन सिंह ने कहा कि भारतीय टीम की असली ताकत शुरू से बल्लेबाजी रही है और फिर भी हमारी टीम दोनों मैचों में 300 से कम यानि की 209 और 287 रन के टारगेट को चेश नहीं कर पाई जोकि काफी बुरा है।

कोहली के ऊपर कुछ सवाल उठाते हुए हरभजन ने कहा कि उन्होंने भुवनेश्वर कुमार को दूसरे मैच में ड्रॉप कर दिया जबकि उन्होंने पहले मैच में 6 विकेट निकाल के दिए थे, वहीं उनमें से पहले 3 विकेट मात्र 12 रन के कुल स्कोर पर गिरा दिए थे।

इसके अलावा अंजिक्य रहाणे को भी उन्होंने पहले और दूसरे दोनों मैचों में नहीं खेलाया, जबकि रहाणे का उपमहाद्वीप के पिचों पर रिकॉर्ड सबसे अच्छा है। हरभजन ने कहा कि इस समय टीम को सपोर्ट करने की जरूरत है।

सभी टीम को जीतते हुए देखना चाहते हैं। हम मैदान में खेलते नहीं है, लेकिन मैदान उम्मीद करते हैं। तो हमें अगले टेस्ट में भी उम्मीद के साथ उतने ही जोश में अपनी टीम का उत्साह बढ़ाना चाहिए।

भारत धमाकेदार वापसी करेगा

उन्होंने कहा कि भारत को इन दो हार से काफी कुछ सीखने को मिलेगा। हम उम्मीद करते हैं कि भारत उन सीख पर अमल करते हुए धमाकेदार वापसी करेगा। धोनी और कोहली के कप्तानी में अंतर के बारे में जब हरभजन से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा।

धोनी और कोहली दोनों दो अलग-अलग समय में कप्तानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हम कहीं किसी दौरे पर जाते हैं तो हमेशा जीत के नए इरादे के साथ जाते हैं। इसलिए मैं कोहली, धोनी, राहुल द्रविड, वीवीएस लक्ष्मण किसी के समय के बारे में कुछ नहीं कहुंगा क्योंकि हर किसी के समय में परिस्थितियां काफी अलग-अलग होती है।

 

कोहली के लिए थी सबसे मुश्किल परीक्षा

हरभजन सिंह ने कहा कि कप्तानी आते ही आपके ऊपर काफी जिम्मेदरियां आ जाती है। कोहली ने अभी तक टीम के लिए काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। ये उनके लिए एक कठिन परीक्षा थी कहे कि अब तक की सबसे मुश्किल परीक्षा थी।