2011 विश्व कप जीताने का श्रेय महेन्द्र सिंह धोनी को देने पर भड़के हरभजन सिंह, कहा 'बाकी लस्सी पीने गए थे क्या' 1

भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 2011 में एक अभूतपूर्व कामयाबी हासिल की थी। भारत ने आईसीसी वनडे विश्व कप में 28 साल बाद इतिहास रचते हुए खिताब पर कब्जा किया था। 2011 में भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका की मेजबानी में खेले गए इस विश्व कप में भारत ने दूसरी बार वनडे विश्व कप जीता।

2011 विश्व कप जीत का श्रेय दिया जाता है धोनी को

भारतीयों के लिए ये विश्व कप जीत सबसे सुनहरे पलों में से एक है। तो साथ ही भारतीय क्रिकेट इतिहास में भी ये जीत बहुत ही खास और यादगार है। महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने ये बड़ा कारनामा किया था।

2011 विश्व कप जीताने का श्रेय महेन्द्र सिंह धोनी को देने पर भड़के हरभजन सिंह, कहा 'बाकी लस्सी पीने गए थे क्या' 2

भारत के लिए इस विश्व कप की जीत की जब भी चर्चा होती है, तो खासकर इसका श्रेय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को दिया जाता है। ये अक्सर ही देखा और सुना गया है कि भारत को विश्व कप धोनी ने दिलाया।

धोनी अकेले को श्रेय देने पर भज्जी ने जतायी नाराजगी

इस तरह की चर्चा के बीच भारतीय क्रिकेट के उस विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे हरभजन सिंह ने बार-बार 2011 के विश्व कप की जीत का सारा श्रेय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी को देने के कारण काफी भड़क गए और लाइव शो में उन्होंने बहुत ही बड़ी बात कह डाली।

2011 विश्व कप जीताने का श्रेय महेन्द्र सिंह धोनी को देने पर भड़के हरभजन सिंह, कहा 'बाकी लस्सी पीने गए थे क्या' 3

इन दिनों खेले जा रहे आईपीएल के 15वें सीजन में स्टार स्पोर्ट्स हिंदी के साथ हरभजन सिंह बतौर विशेषज्ञ और कमेंटेटेर के तौर पर जुड़े हैं। जहां भज्जी महेन्द्र सिंह धोनी को विश्व कप जीताने का श्रेय देने के लिए काफी नाराज दिखे।

भज्जी ने कहा, धोनी ने विश्व कप जीताया तो बाकी लस्सी पीने गए थे क्या

हरभजन सिंह ने इस शो के दौरान कहा कि, “अगर ऑस्ट्रलिय वर्ल्ड कप को अपने नाम करती हैं तो सब बोलते है कि ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप जीता है। लेकिन जब टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप जीता तो सब कहने लगे कि धोनी ने जीता है, तो बाकी क्या लस्सी पीने गए थे।”

“केवल एक खिलाड़ी विश्व कप जीता रहा था, तो बाकि 10 लोगों ने क्या किया। गौतम गंभीर ने क्या किया। तो ये साफ है कि टीम गेम से जीता जाता है, टीम के 7-8 खिलाड़ी अच्छा करते हैं तभी टीम जीतती है।”